रेवती क्षेत्र के श्रीनगर गांव के समीप बोल्डर डालकर किया गया कटानरोधी कार्य।
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बलिया। नाबार्ड ने गंगा और सरयू नदी पर चल रही कटानरोधी आठ परियोजनाओं के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है।
बाढ़ एवं कटान से राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और गंगा के मुंहाने पर बसे गांवों को बचाने के लिए शासन की ओर से करोड़ों रुपये जारी किए गए लेकिन पांच में से एक भी परियोजना पूरी नहीं कर सकी है। बाढ़ खंड ने 15 जुलाई तक कार्य पूरा करने का दावा किया गया था। समय सीमा बीत गई काम नहीं पूरा हुआ। कभी विभाग बजट का रोना रोता है तो कभी ठेकेदार की सुस्ती का। अब नाबार्ड ने गंगा नदी पर दूबे छपरा, गोपालपुरस उदई छपरा के लिए 1.61 करोड़, एनएच-31 की सुरक्षा के लिए 1.56 करोड़ और 1.09 करोड़, सरयू नदी पर तुर्तीपार-श्रीनगर तटबंध की सुरक्षा के लिए 1.42 करोड़ और 1.53 करोड़, सरयू पर डूहा कथौड़ा रिंग बांध पर कथौड़ा की सुरक्षा परियोजना के लिए 56 लाख, गंगा नदी पर भिखारीपुर-इंदरपुर-थम्हनपुरा तटबंध के लिए 97 लाख रुपये की रकम जारी की है।
सुघर छपरा गांव के समीप करीब 10 करोड़ की लागत से चल रही कटान रोधी परियोजना धनाभाव के कारण पांच दिनों से ठप पड़ी हुई है। अभी तीन ही लेयर काम पूरा हुआ है। ठेकेदार काम को बीच में ही छोड़कर भाग गया है। दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा की सुरक्षा के लिए 9.10 करोड़ की परियोजना में महज 60 फीसदी काम हो पाया है। गंगा नदी के बाएं किनारे पर स्थित एनएच-31 की सुरक्षा के लिए हो रहे काम में 300 मीटर तक ही काम हुआ है। सरयू नदी पर तुर्तीपार-श्रीनगर तटबंध पर बोल्डर डाले गए हैं। दतहां चट्टी के पूरब स्थित स्पर का कार्य अर्थात नदी की धारा जिस छोर पर आकर टकराती है वह कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है।