बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों से जुड़ी विकास योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए भूमि की व्यवस्था के निर्देश दिए। कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए तहसील सिकंदरपुर, रसड़ा और बैरिया में 10-10 एकड़ भूमि एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। किसान कल्याण केंद्र के लिए तहसील बांसडीह, बैरिया और बलिया सदर में भूमि एक सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निर्माण के लिए ब्लाॅक मनियर, सिकंदरपुर और बैरिया में भूमि एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने के लिए कहा।
रसड़ा नगर पालिका में पेयजल परियोजना के लिए 17 स्क्वायर फीट भूमि, विकास खंड नगरा, पंदह, बेरुआरबारी, मुरलीछपरा और नवानगर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कंप्यूटर लैब निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सागरपाली स्थित बाढ़ शरणालय को शिफ्ट करने के लिए पांच दिन के भीतर भूमि उपलब्ध कराने के लिए कहा। डीपीआरओ को निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायत भवनों पर 4×6 साइज में वॉल पेंटिंग के माध्यम से जीरामजी अवश्य लिखवाया जाए, ताकि ग्रामीणों को जानकारी मिल सके। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को शत-प्रतिशत स्वास्थ्य कार्ड जारी करने के लिए कहा।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर भूमि चिह्नित नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा। सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए कि अपनी-अपनी तहसीलों में वन विभाग के लिए भी भूमि की तलाश करें। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा, डीडीओ आनंद प्रकाश उपस्थित रहे।
35 यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के लिए भी खोजी जाएगी जमीन : तहसीलों में कुल 35 राजकीय यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के निर्माण के लिए 1000 वर्ग फीट भूमि, 22 होम्योपैथिक चिकित्सालयों के लिए भी इतनी ही भूमि एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश डीएम ने दिए हैं। 32 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए 100×100 वर्ग फीट भूमि, 60 आरसीसी निर्माण के लिए सभी तहसीलों में भूमि उपलब्ध कराने, 650 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 1000 वर्ग फीट भूमि एक सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शहरी क्षेत्र में अस्पताल निर्माण के लिए तहसील बांसडीह, रसड़ा और बलिया सदर में भूमि चिह्नित करने के लिए कहा है।