तराई में शीलहर जानलेवा हो गई है। मकान के अभाव में गुरुवार रात चाचा के फूस के छप्पर तले सो रहा एक किशोर ठंड की चपेट में आ गया। उसका शरीर अचानक ऐंठने लगा तो परिवारीजनों ने तेल की मालिश शुरू की गई। इसके बावजूद थर-थर कांप रहे किशोर ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया। इससे घर में कोहराम मच गया। सुबह सूचना तहसील को दी गई। एसडीएम नानपारा ने क्षेत्रीय लेखपाल को जांच सौंपी है। जिले में ठंड से यह दूसरी मौत है।
नानपारा क्षेत्र में ग्राम पंडित सिसवारा निवासी भारत प्रसाद के अपना मकान नहीं है। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर भारत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। सप्ताह भर से हो रही कड़ाके की ठंड के चलते उसने अपने चचेरे भाई मौजीलाल के फूस के छप्पर में शरण ली थी। छप्पर में साइड की दीवारें नहीं हैं। परिवार जैसे-तैसे रात गुजार रहा था।
गुरुवार रात भारत प्रसाद अपने बच्चों व पत्नी के साथ छप्पर में लेटा था। 16 वर्षीय बेटा भगौती सिर्फ एक चादर ओढ़े हुए था। रात एक बजे के करीब अचानक उसका शरीर ऐंठने लगा जिससे भगौती कराह उठा। तेज पेट दर्द के साथ थर-थराहट शुरू हुई। आवाज सुनकर मां-बाप उठे तो ठंड से कांपते देख बेटे को कुछ और कपड़े ओढ़ाए।
तेल गरम कर उससे मालिश शुरू की। लेकिन आधे घंटे में ही भगौती ने दम तोड़ दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया। आस-पड़ोस के लोग भी पहुंच गए। शुक्रवार सुबह सूचना तहसील को दी गई। भारत का कहना है कि बेटा ठंड सहन नहीं कर सका जिससे उसकी मौत हो गई।
इस मामले में उपजिलाधिकारी एसपी शुक्ला ने क्षेत्रीय लेखपाल अमृतलाल को जांच सौंपी है। दोपहर बाद गांव पहुंच लेखपाल ने छानबीन की। परिवारीजन व ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।