श्रावस्ती। चावल में कीड़े निकलने, गुणवत्ताविहीन भोजन सहित विभिन्न आरोप लगाते हुए पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय संभारपुरवा भिनगा के छात्र सोमवार रात आंदोलित हो गए। छात्रों ने हॉस्टल के गेट पर ताला जड़कर छत पर भूख हड़ताल शुरू कर दी। स्कूल प्रशासन ने बच्चों को मनाने का खूब प्रयास किया, लेकिन बच्चे हड़ताल पर डटे रहे। बच्चों की भूख हड़ताल मंगलवार की दोपहर तक जारी रही। डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने कमेटी बनाकर सभी आरोपों की जांच व खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम से औचक निरीक्षण करवाने का आश्वासन दिया तो छात्र ने हड़ताल खत्म की।
भोजन की गुणवत्ता से नाराज पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय के बच्चे सोमवार रात हॉस्टल की छत पर पहुंच गए। उन्होंने भोजन करने से इन्कार करते हुए पूरी रात भूख हड़ताल पर रहे और स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का गुस्सा मंगलवार की सुबह भी जारी रहा और छात्रों ने विद्यालय के गेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पहुंचे उपनिरीक्षक ने छात्रों को धरना खत्म न करने पर प्राथमिकी दर्ज कर कॅरिअर खत्म करने की धमकी दी। इसके बाद छात्रों की भूख हड़ताल ने जेन अल्फा आंदोलन का रूप ले लिया। आक्रोशित छात्र नारेबाजी करते हुए डीएम को बुलाने पर अड़ गए। प्रदर्शन की जानकारी पर सीडीओ मोहम्मद शाहिद, एसडीएम नानपारा आशीष भारद्वाज, एएसपी चंद्रकेश सिंह, सीओ भरत पासवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अड़े रहे। कुछ ही देर में छात्रों की इस भूख हड़ताल में छात्राएं भी शामिल हो गईं।
कमेटी बनाकर जांच करवाने के आश्वासन पर माने
नवोदय विद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी होने पर डीएम अन्नपूर्णा गर्ग मौके पर पहुंचीं। इस दौरान बूंदाबांदी के बीच भी छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। डीएम ने छात्र-छात्राओं से उनकी समस्या जानी। इसके बाद उच्च स्तरीय जांच टीम बनाने व छात्रों के सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। डीएम ने छात्रों को थोड़े-थोड़े अंतराल पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम भेजकर भोजन गुणवत्ता की जांच का भी आश्वासन दिया। जिसके बाद छात्रों का आक्रोश शांत हुआ और छात्रों ने हड़ताल खत्म की।
हल्दी व चावल की तहरी, भिंडी में मिलाते हैं आलू
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि कई विषय के शिक्षक अच्छा नहीं पढ़ा रहे हैं। विरोध पर मानसिक प्रताड़ना दी जाती है। शिक्षक गाली-गलौज करते हैं और नंबर काटने की धमकी देते हैं। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि मेस में जो खाना दिया जाता है, उसमें लगभग प्रतिदिन कीड़े निकलते हैं। छात्रों ने विरोध किया तो हमें भी अपनी समस्याएं बताने का मौका मिला। छात्राओं ने बताया कि आज भी उन्हें प्रदर्शन में आने से रोका जा रहा था। शिक्षक सच न बोलने का दबाव बना रहे हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि भिंडी में आलू मिलाकर दिया जाता है। वहीं तहरी में सिर्फ हल्दी, चावल व नमक ही रहता है। चावल भी ज्यादातर कच्चा ही रहता है और कीड़े निकलते हैं।
दरवाजे की कुंडी तोड़ी, बक्से का ताला तोड़ा
छात्रों ने डीएम से आरोप लगाते हुए बताया प्राइवेसी के नाम पर कुछ नहीं है। कमरों के दरवाजे की कुंडी तोड़ दी गई है और किसी भी समय जांच के लिए अंदर घुस आते हैं, जैसे हम छात्र नहीं अपराधी हों। हमारे बक्से का ताला तोड़कर तलाशी ली जाती है। कुछ छात्रों ने डीएम को बताया कि भौतिक, बायो व पीटी सहित कई शिक्षक हैं, जो मां-बहन की गाली देते हैं। एक छात्र ने आरोप लगाया कि बायो के शिक्षक ने उन्हें जानवरों की तरह पीटा। दूसरे छात्र ने आरोप लगाया कि गोल न कर पाने पर पीटी टीचर ने गालियां दीं।
नवोदय विद्यालय के पास सड़क पर बैठे विद्यार्थियों से बातचीत करती डीएम व अन्य
नवोदय विद्यालय के पास सड़क पर बैठे विद्यार्थियों से बातचीत करती डीएम व अन्य