महिलाएं और युवतियां तभी सुरक्षित होंगी जब वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी। वीमेन पावर लाइन का गठन इसीलिए किया गया है कि आधी आबादी हिम्मती बने। अपने प्रति हो रही हिंसा का प्रतिरोध करें ताकि लोग उत्पीड़न न कर सकें। महिलाओं और युवतियों को सुरक्षित करने के लिए ही स्कूलों पावर एंजल का गठन किया जा रहा है।
यह बात लखनऊ के कृष्णानगर की सीओ बबिता सिंह ने कही। वे महिला सुरक्षा मुद्दे पर छात्राओं और महिलाओं को जागरूक करने के लिए शनिवार को शहर के तारा महिला इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में बोल रही थीं।
पुलिस विभाग की ओर से महिला सशक्तीकरण के तहत आयोजित कार्यक्रम में बबिता सिंह ने पावर लाइन के बारे में बताते हुए सुरक्षा के टिप्स सुझाए। उन्होंने 1090 को लेकर पुलिस द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पावर एंजल के रूप में चयनित छात्राएं सड़क, मोहल्लों और स्कूलों में होने वाली हिंसा के प्रति अपनी आवाज मुखर कर सकेंगी।
हेल्पलाइन से वह दूसरों को भी सुरक्षित कर सकेंगी। बहराइच पुलिस अधीक्षक नेहा पांडेय ने कहा कि स्कूलों में पावर एंजल के गठन से छात्राओं का आत्मविश्वास मजबूत होने के साथ ही उनके अंदर अपराधों के खिलाफ एकजुट होने की भावना भी पैदा होगी।
चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर 1098 के उपयोग के बारे में भी छात्राओं को जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आरएमओ राघवेंद्र सिंह, सीओ रिसिया मोहम्मद अकमल खां, महिला एसओ सरोज कुमार शर्मा, एसआई अंकिता वर्मा, प्रधानाचार्या नसीम जैदा आदि मौजूद रहे।