बहराइच। शहर के एक मोहल्ला निवासी युवती को बुखार, कंपकंपी की शिकायत पर रविवार को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। दो घंटे चले इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। युवती की मौत के बाद चिकित्सकों ने शव परिवारीजनों को सौंप दिया। उसका सैंपल भी जांच के लिए नहीं भेजा गया।
शहर के मोहल्ला बख्शीपुरा को जिला प्रशासन ने हॉट स्पॉट घोषित किया था। 21 दिन हॉट स्पॉट रहने के बाद शनिवार को लोगों के आवागमन के लिए खोला गया। मोहल्ला निवासी 22 वर्षीय युवती की तबीयत रविवार को खराब हुई। युवती बुखार, कंपकंपी व सर्दी से ग्रसित थी। परिवार के लोग उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी ले गए।
जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान ही 11.22 बजे युवती की मौत हो गई। चिकित्सकों ने शव परिवारीजनों को सौंप दिया। सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि युवती बुखार व कंपकंपी से ग्रसित थी। उसे सांस लेने में तकलीफ थी। परिवार के लोग सुबह 09.05 बजे उसे इलाज के लिए लाए।
इमरजेंसी के चिकित्सक समेत चार चिकित्सकों ने जांच के बाद इलाज शुरू किया। मगर इलाज के दौरान ही 11.22 बजे युवती की मौत हो गई। युवती बुखार से पीड़ित थी। साधारण मौत होने के कारण युवती का शव परिवारीजनों को सौंप दिया गया है। प्रतिदिन 10 से 15 लोगों की अस्पताल में मौत हो रही है। ऐसे में सभी का सैंपल भेज पाना नामुमकिन है।
बख्शीपुरा मोहल्ला हॉट स्पॉट था। मोहल्ला निवासी एक महिला कोरोना संक्रमित हुई थी। हालांकि बाद में जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी थी। ऐसे में तरह-तरह की शंकाएं उत्पन्न हो रही हैं। कंपकंपी के बाद मौत होने पर भी स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल जांच के लिए नहीं भेजा, न ही पोस्टमार्टम कराया। ऐसे में इस पर सवाल उठा रहा है कि उसका सैंपल जांच के लिए क्यों नहीं भेजा गया।