खेत की निगरानी करने गई एक महिला पर शुक्रवार सुबह बाघ ने हमला कर दिया। महिला ने मदद के लिए चीखने-चिल्लाने के साथ करीब 20 मिनट तक बाघ से मुकाबला किया। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े। हाका लगाते हुए ग्रामीणों ने किसी तरह बाघ से महिला को छुड़ाया।
उसे लहूलुहान हालत में सीएचसी मिहींपुरवा में भर्ती कराया गया जहां हालत गंभीर है। वनाधिकारियों ने मौके पर पहुंच बाघ के हमले की पुष्टि की है। घटना से ग्रामीण दहशत में हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में कतर्नियाघाट रेंज के ग्राम आनंद नगर बड़खड़िया जंगल से करीब 200 मीटर दूर स्थित है। गांव की विद्यावती (50) पत्नी वशिष्ठ गौड़ शुक्रवार सुबह खेत की निगरानी करने को खेत गई थी। गन्ने के खेत के निकट पहुंचने पर विद्यावती को बाघ की दहाड़ सुनाई दी।
वह जब तक कुछ समझ पाती खेत में छिपे बाघ ने हमलाकर दिया। विद्यावती चीखते-चिल्लाते हुए बाघ से मुकाबला किया। करीब 20 मिनट तक वह बाघ से जूझती रही। इस बीच ग्रामीण लाठी डंडा लेकर दौड़ पड़े लेकिन बाघ को देख उन्होंने कुछ दूर रुककर हाका लगाना शुरू किया।
शोर अधिक होने और ग्रामीणों की भीड़ देखकर बाघ विद्यावती को छोड़कर जंगल की ओर चला गया। लेकिन तब तक विद्यावती संघर्ष के चलते बेदम हो चुकी थीं। ग्रामीणों ने तत्काल रेंज कार्यालय को सूचना दी। लहूलुहान विद्यावती का उपचार स्वास्थ्य केंद्र सुजौली में करवाकर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया है।
उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी गयादीन के मुताबिक महिला को पंजे और दांत के गहरे जख्म सिर, कंधे, पैर और हाथ में है। घटना के बाद से ग्रामीण दहशतजदा है। वहीं वन क्षेत्राधिकारी ने समूह में लोगों को घर से खेत और खलिहान जाने की हिदायत दी है।