बहराइच/बौंडी। कैसरगंज इलाके में भेड़ियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। खुले में ही नहीं, अब भेड़िये घरों के अंदर घुसकर भी बच्चों को निशाना बना रहे हैं। शुक्रवार की भोर मल्लाहनपुरवा और बबुरी गांव की दो मासूम बच्चियों पर भेड़िये ने हमला कर दिया। ग्रामीणों की घेराबंदी पर भेड़िये बालिकाओं को छोड़ गन्ने के खेतों में जाकर छिप गए।
पहली घटना ग्राम पंचायत गोड़हिया नंबर तीन के मजरा मल्लाहनपुरवा की है। यहां की निवासी बलिराम की बेटी अनुष्का निषाद (5) घर में सो रही थी। तभी भोर में 5 बजे के आसपास एक भेड़िया दबे पांव घर के अंदर घुस आया और बच्ची को मुंह में दबाकर भागने लगा।
चीख सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। शोर सुनते ही भेड़िया कुछ ही दूरी पर बच्ची को छोड़कर खेत की तरफ भाग गया। भेड़िये के हमले से बच्ची के शरीर पर गहरे घाव हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल सीएचसी कैसरगंज पहुंचा कर भर्ती कराया।
दूसरी घटना गोड़हिया नंबर एक के बबुरी गांव में सुबह 10 बजे के आसपास हुई, गांव निवासी नैंसी यादव (4) पुत्री रमेश सुबह घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान भेड़िया उस पर झपटा और उसे खींचकर ले जाने की कोशिश की। ग्रामीणों के शोर मचाने पर भेड़िया बच्ची को छोड़कर गन्ने के खेत की ओर भाग गया। घायल बच्ची को एंबुलेंस से सीएचसी कैसरगंज भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
दोनों गांवों में है दो किमी का अंतर
जिन दो गांवों में भेडिये का हमला हुआ है उनके बीच महज दो किमी का फासला है। गांव निवासी रजितराम और संजीत का कहना है कि हो सकता है कि गोड़हिया नंबर तीन के मजरा मल्लाहनपुरवा में जब ग्रामीणों ने भेड़िये को भगाया तो वही भेड़िया कुछ देर बाद बबुरी गांव में आ धमका हो।
लगाए गए हैं जाल, ड्रोन से की जा रही निगरानी
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि घटनाओं की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर भेज दी गई है। भेड़िये की तलाश के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं और क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी भी शुरू कर दी गई है। तीन स्थानों पर जाल लगाए गए हैं, निगरानी की जा रही है। ग्रामीण सतर्क रहें और बच्चों को अकेला न छोड़ें।