फखरपुर/बौंडी। घाघरा के कछार में आदमखोर भेड़िये ने ग्रामीणों की नींद हराम कर दी है। महसी और कैसरगंज तहसीलों के बहोरवा, मांझारा तौकली, नंदवल, केशरवा, सिपहिया हुलास समेत लगभग दर्जन भर गांव भेड़िये के आतंक से परेशान हैं। बुधवार को भेड़िये ने मंसारा तौकली गांव में एक महिला पर हमला कर जख्मी कर दिया।
बौंडी के कामता पुरवा गांव निवासी हरदेई (68) बुधवार देर शाम घर के सामने बैठी थीं, तभी भेड़िये ने उन पर हमला कर जख्मी कर दिया। शोर सुनकर लोग दौड़े, तो भेड़िया उनको छोड़कर गन्ने के खेत की तरफ चला गया। हरदेई को मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
बभनन पुरवा गांव निवासी तीरथराम पाल की बकरी पर भेड़िये ने दिन-दहाड़े हमला कर दिया। जब तक ग्रामीण दौड़ते, भेड़िया बकरी को उठा ले गया। 800 मीटर दूर गन्ने के खेत में बकरी का शव मिला।
कैसरगंज वन क्षेत्राधिकारी ओंकार यादव ने बताया कि ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है, लेकिन भेड़िये का पता नहीं चला है। पगचिह्न भी नहीं मिले। रेंजर का कहना है कि बकरी पर हमला करने वाला जानवर शायद भेड़िया नहीं था।
फखरपुर के सराय जगना व वजीरगंज में मंगलवार देर रात दो महिलाओं पर अज्ञात जानवर ने हमला किया। चीख-पुकार सुनकर लोग दौड़े, लेकिन जानवर भाग गया। महिलाओं ने दावा किया कि वह भेड़िया था। अभी तक वन विभाग यह सुनिश्चित नहीं कर पाया कि हमला करने वाला वन्यजीव भेड़िया है या तेंदुआ।
भेड़िये के आतंक से लगभग 20 गांव प्रभावित हैं। प्रशासन ने लाउडस्पीकर से घोषणा कर ग्रामीणों को सतर्क किया है और रात में टीम तैनात की गई है। बावजूद इसके, भेड़िये के सही ठिकाने का पता नहीं चल सका। वन विभाग के अधिकारी लगातार ड्रोन कैमरे से निगरानी कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल ग्रामीण भयभीत और असुरक्षित हैं।
भेड़िया समझ कुत्ते को पीटकर किया अधमरा
मझारा तौकली गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने देर रात एक कुत्ते को भेड़िया समझकर पीटकर अधमरा कर दिया। काफी देर तक भेड़िया पकड़े जाने की अफवाह उड़ी, लेकिन मौके पर पहुंचे डीएफओ राम सिंह यादव ने कहा कि कुत्ता है। ग्रामीणों को धैर्य रखने को कहा गया है।