जिले के 5508 आवेदक ऐसे हैं, जो महज 3600 रुपये की सालाना पेंशन पाने के लिए चार माह से अधिक समय से भटक रहे हैं। इन सभी के आवेदन फाइलों में दबे हैं। यूपी की समाजवादी सरकार ने गरीबों को पेंशन देने के साथ ही पद्म पुरस्कार व यशभारती पाने वालों को 50 हजार रुपये महीना पेंशन देने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत राजबब्बर जैसे फिल्मी सितारे और मालिनी अवस्थी जैसी कलाकार ने आवेदन कर रखे हैं। जिनके पास संपत्ति की कमी नहीं है। दूसरी तरफ बहराइच जनपद में गरीबी व लाचारी की त्रासदी को झेल रहे लोगों ने महज 3600 रुपये सालाना की पेंशन पाने की आस लगा रखी है।
इसमें विकलांग जन विकास विभाग में 1808 लोगों ने पेंशन पाने के लिए आवेदन पत्र जमा कर रखा है। जबकि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था पेंशन के लिए 2500 बुजुर्गों के आवेदन जमा हैं। इसी तरह प्रोबेशन कार्यालय से चल रही विधवा पेंशन योजना के लिए एक हजार विधवाओं के आवेदन कार्यालय में लंबित पड़े हैं।
गरीबों की मदद को करनी चाहिए पहल
विकासखंड बलहा अंतर्गत ग्राम अगैय्या चौराहा निवासी मुन्नालाल और तेजवापुर के रमपुरवा निवासी पवन कुमार ने विकलांग विभाग में पेंशन के लिए आवेदन कर रखा है। इनके आवेदन लंबे समय से स्वीकृति के इंतजार में पड़े हैं। विकासखंड तेजवापुर के ग्राम ख्वाजगीपुर निवासी सरीफ और फखरपुर के टेंड़वा बाजार निवासी फूूलबानो के आवेदन भी चार माह से अधिक से विभाग में लंबित हैं।
ये कहते हैं अधिकारी
जिला समाज कल्याण अधिकारी डीके सिंह का कहना है कि सत्यापन होने पर कुछ मृतकों को बाहर किए जाने पर नये आवेदनों को उनमें शामिल कर लिया जाता है। जबकि अन्य आवेदनों को हर तीन माह पर बजट की उपलब्धता के आधार पर पेंशन देने की कार्यवाही की जाती है।
विकलांग जन विकास अधिकारी अनुपमा मौर्या और प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि सरकार बजट में शामिल करने पर ही नये आवेदनों को स्वीकृत देती हैं। कार्यालय स्तर से आवेदन मिलने पर उसे मुख्यालय भेज दिया जाता है।