बहराइच के केडीसी में आयोजित कार्यशाला में मौजूद मुख्य अतिथि व अन्य।
बहराइच। जिले में घाघरा और सरयू नदी के स्वरूप को सुंदर और बेहतर बनाने के लिए नेपाली और भारतीय पर्यावरणविद संयुक्त प्रयास करेंगे। इसके लिए किसान पीजी कॉलेज के डाॅ.जेबी सिंह सभागार में महाविद्यालय के भूगोल विभाग व पंचशील डेवलेपमेंट ट्रस्ट के सम्मिलित प्रयास से कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का विषय घाघरा नदी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन व जलवायु परिवर्तन रहा।
कार्यशाला की शुरुआत घाघरा नदी पर बनी डाॅक्यूमेंट्री फिल्म दिखाने से हुई। कार्यशाला के दूसरे भाग में नेपाल से आए विद्वानों ने अपने विचार रखे। नेपाली विद्वान मेघालय ने घाघरा नदी के महत्व व संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत व नेपाल के बेहतर सहयोग से घाघरा नदी तंत्र को बेहतर बनाया जा सकता है। नेपाली विद्वान जिनेश भंडारी ने घाघरा नदी की जैव विविधता संरक्षण पर अधिक ध्यान देने पर जोर दिया। विद्वान राजीव राज पाउडेल ने जलवायु परिवर्तन का नदी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित किया। कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर विनय सक्सेना ने आभार जताया।
कार्यशाला के अंत में भूगोल विभाग व पंचशील डेवलेपमेंट ट्रस्ट के बीच एमओयू करने का प्रस्ताव भी पास हुआ। इस एमओयू से किसान पीजी कॉलेज के भूगोल विभाग के विद्यार्थी भौगोलिक स्थलाकृतियों व भौगोलिक घटनाओं का सूक्ष्म विश्लेषण कर सकेंगे। कार्यशाला में इस बात पर भी सहमति बनी कि पंचशील डेवलेपमेंट ट्रस्ट भूगोल विभाग के साथ मिलकर अन्य भौगोलिक कार्यशालाओं का भी आयोजन करेगी। इस मौके पर समाजसेवी भागवत शुक्ल, ध्रुव कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. पंकज सिंह, डाॅ. पीएल त्रिपाठी, डाॅ. शिवेंद्र सिंह, डाॅ. अभिषेक प्रताप सिंह, डाॅ. धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी और डाॅ. संतोष कुमार सिंह समेत अनेक विद्वान उपस्थित रहे।