फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब पटरी बड़ी होती है तो रास्ते, बाजार और अवसर भी बड़े होते हैं : योगी

विज्ञापन
भारत नेपाल सीमा पर ​स्थित रुपईडीहा में विशेष उद्घाटन ट्रेन के संचालन के लिए हरे सिग्नल का बटन द
विज्ञापन
रुपईडीहा। नेपालगंज रोड से वाराणसी तक सीधी रेल सेवा के शुभारंभ को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीमावर्ती क्षेत्र के दशकों पुराने सपने के साकार होने का क्षण बताया। सोमवार को नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, “जब पटरी बड़ी होती है तो रास्ते भी बड़े होते हैं, जब रास्ते बड़े होते हैं तो अवसर बड़े होते हैं और जब अवसर बड़े होते हैं तो संकल्प भी बड़ा होता है।” उन्होंने कहा कि मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदला गया यह रेलखंड केवल पटरियों का विस्तार नहीं, बल्कि बहराइच और भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में विकास, व्यापार और नए अवसरों का नया रास्ता है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने नेपालगंज रोड से वाराणसी सिटी जाने वाली स्पेशल ट्रेन को मंच से औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही चार अन्य ट्रेन सेवाओं के संचालन का भी शुभारंभ किया। बहराइच सांसद आनंद गोंड ट्रेन में सवार होकर बहराइच के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री योगी 3.15 बजे रुपईडीहा पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर रामजानकी इंटर कॉलेज के परिसर में बने हेलीपैड पर उतरा। मंच पर पहुंचकर सीएम योगी ने कहा कि नेपालगंज रोड से वाराणसी तक रेल सेवा शुरू होने से सीमा क्षेत्र सीधे काशी से जुड़ गया है। इससे नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए काशी विश्वनाथ के दर्शन आसान होंगे। रेल संपर्क बेहतर होने से व्यापार, पर्यटन, कृषि और रोजगार को नया आयाम मिलेगा। कतर्नियाघाट के ईको टूरिज्म, अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर तक पहुंच भी आसान होगी। रेल सेवा भारत-नेपाल के बीच केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का माध्यम बनेगी।

नेपाल में हुई त्रासदी पर संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में भारत नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल का संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत का है। भगवान पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ और जनकपुर से अयोध्या तक दोनों देशों की सांस्कृतिक परंपराएं एक-दूसरे से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में विकास का सपना कई पीढ़ियों ने देखा, लेकिन अब नई पीढ़ी उसे साकार होते देख रही है। रुपईडीहा को उन्होंने भारत का प्रवेश द्वार बताते हुए कहा कि पहले की सरकारों के लिए सीमा क्षेत्र अंतिम छोर हो सकता था, लेकिन वर्तमान सरकार के लिए यह विकास का महत्वपूर्ण द्वार है।
विज्ञापन

सुहेलदेव की धरती का गौरव भी गिनाया

मुख्यमंत्री ने बहराइच की ऐतिहासिक पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने करीब एक हजार वर्ष पहले विदेशी आक्रांता को पराजित कर इस धरती को मुक्त कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद लंबे समय तक महाराजा सुहेलदेव को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि पहले सलार मसूद के नाम पर मेले और उर्स होते थे, जबकि अब महाराजा सुहेलदेव का स्मारक बनाया गया है। प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारें माफिया को संरक्षण देती थीं, जबकि आज मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। उन्होंने बहराइच में महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज, बलरामपुर और गोंडा में मेडिकल कॉलेज तथा श्रावस्ती में एयरपोर्ट सहित विकास कार्यों का उल्लेख किया। इंसेफलाइटिस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कभी बच्चों की मौत को अज्ञात बीमारी बताकर मामले दबा दिए जाते थे। उनकी सरकार ने बीमारी का कारण खोजकर उसके नियंत्रण और उन्मूलन के लिए उपचार, दवाओं और टीकाकरण की व्यवस्था की।

बहराइच-खलीलाबाद रेल लाइन भी आगे बढ़ रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच को खलीलाबाद से जोड़ने वाली नई रेल लाइन का काम भी आगे बढ़ रहा है। गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़, बलरामपुर और बहराइच को जोड़ने वाला रेल नेटवर्क पूर्वांचल और तराई क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि सड़क और रेलवे की बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सीमावर्ती क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा में और तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने रेल नेटवर्क के विस्तार और ब्रॉड गेज में परिवर्तन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। समारोह में सांसद जगदंबिका पाल, सांसद आनंद गोंड, विधायक सुभाष त्रिपाठी, सुरेश्वर सिंह, अनुपमा जायसवाल, रामनिवास वर्मा, सरोज सोनकर, एमएलसी प्रज्ञा त्रिपाठी समेत जनप्रतिनिधि और रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें