मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि आने वाले दिनों में पारा और अधिक बढ़ेगा।
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तराई में सूरज के किरणों की तपिश कम नहीं हो रही है। बुधवार को पारा 42 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। जिससे सुबह से दोपहर बाद तक लोगाें को झुलसन का एहसास हुआ। गर्मी से लोग बेहाल रहे। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अभी तापमान और बढ़ेगा। गर्मी के साथ उमस परेशान करेगी।
तराई में मौसम के तेवर नरम होते नहीं दिख रहे हैं। सुबह चिलचिलाती धूप से लोगों का सामना हुआ। 10 बजते-बजते घर से निकलना मुश्किल हो रहा था। दोपहर में 12 बजे के आसपास गर्म पछुवा हवाएं भी चलीं, जिससे घर से निकलने वाले लोगों ने सूरज की तेज किरणों और धूल से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया।
सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर में सन्नाटा दिखा। सबसे अधिक दिक्कत मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को हुई। फसल अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हवाएं पश्चिमोत्तर दिशा में छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं। उन्होंने कहा कि सूरज की तपिश के कारण गन्ना, मेंथा, उड़द, मूंग और सब्जी के किसानों को एहतियात बरतने की जरूरत है। खेतों में नमी कम न होने दें। उन्होंने बताया कि आगामी तीन दिनों में सूरज की तपिश और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।