बहराइच। मंगलवार भोर तीन बजे गरज-चमक के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश ने एक ओर भीषण उमस और गर्मी से लोगों को राहत दी, वहीं दूसरी ओर पूरे जिले में अव्यवस्थाओं की परतें भी खोल दीं। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक जलभराव, घंटों बिजली कटौती और कई स्थानों पर पेड़ गिरने से जनजीवन प्रभावित रहा।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रातभर हुई बारिश के साथ बिजली आपूर्ति भी लगातार बाधित रही। शहर के मोहल्ला फ्रीगंज, नाजिरपुरा, दरगाह, घसियारीपुरा, चांदपुरा, नईबस्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पूरी रात जागने को मजबूर रहे। लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली कटने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
कतर्नियाघाट में तीन पेड़ गिरे, 17 घंटे बंद रहा मार्ग
सोमवार रात करीब नौ बजे कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज के जंगल में बिछिया-मिहींपुरवा हाईवे पर पहला विशालकाय पेड़ गिर गया। इससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। रात में पहुंचे वनकर्मी सुबह कार्रवाई का आश्वासन देकर लौट गए। सुबह वन विभाग के वाचरों और एसएसबी की 70वीं बटालियन के जवानों ने इलेक्ट्रॉनिक आरी से पेड़ हटाकर रास्ता खोला, लेकिन कुछ ही दूरी पर दो और पेड़ गिरने से मार्ग फिर बंद हो गया। करीब दो दर्जन एसएसबी जवान लगातार बारिश में भीगते हुए घंटों पेड़ काटते रहे। दोपहर करीब दो बजे मार्ग पूरी तरह बहाल हो सका। इस दौरान दर्जनों वाहन, निजी बसें और सैकड़ों यात्री जंगल में फंसे रहे।
रुपईडीहा में पहली बारिश ने खोली हाईवे की पोल
रुपईडीहा कस्बे में हल्की बारिश ने ही नेशनल हाईवे-927 की जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। सेंट्रल बैंक चौराहा, संकट मोचन मंदिर और सब्जी मंडी के आसपास सड़क पर पानी भर गया। पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सभासद अंकित अग्रवाल, पार्वती वर्मा आदि का कहना है कि आईसीपी रोड के पास पाइप तो डाल दिए गए, लेकिन नालों की सफाई नहीं कराई गई, जिससे पूरी व्यवस्था बेअसर साबित हुई।
फखरपुर में आरसीसी सड़क बनी तालाब
फखरपुर कस्बे की मुख्य बाजार सड़क बारिश के बाद तालाब में बदल गई। लाखों रुपये से बनी आरसीसी सड़क और इंटरलॉकिंग के बावजूद जलनिकासी की व्यवस्था न होने से घुटनों तक पानी भर गया। दुकानदारों का कारोबार प्रभावित रहा जबकि राहगीरों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
रिसिया में गलियां जलमग्न, लोग परेशान
रिसिया नगर के इंदिरा नगर, हनुमान मंदिर मार्ग और सिसई-सलोन मार्ग पर जलभराव से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कच्चे रास्ते पानी से भर गए। लोगों ने नगर पंचायत से जलनिकासी और छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान की मांग की।
किसानों के चेहरे खिले, धान रोपाई ने पकड़ी रफ्तार
लगातार दो दिनों की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई। बाबागंज, नवाबगंज, महसी, मिहींपुरवा और अन्य क्षेत्रों में किसान धान की रोपाई में जुट गए। खेतों में महिलाओं की टोली पारंपरिक लोकगीत गुनगुनाते हुए रोपाई करती नजर आई। किसान बलबीर सिंह, डब्बू सिंह, अवधेश कुमार और दिनेश कुमार ने बताया कि समय पर हुई बारिश से सिंचाई का खर्च बचा है और रोपाई में तेजी आई है। गांवों में मानसून के साथ पारंपरिक रोपाई गीतों की गूंज भी सुनाई देने लगी है।