उमस और गर्मी का सामना कर रहे तराई वासियों को बारिश ने बुधवार को राहत दी। मंगलवार देर रात से शुरू हुई झमाझम वर्षा से बुधवार को मौसम खुशनुमा हो गया। शहर में बारिश ने लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ा दी है। सड़कें पानी से लबालब भर गई है।
इससे राहगीरों को मुश्किलों का समाना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, तेज बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। धान की रोपाई का दौर शुरू हो गया। जिले में 32 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। मौसमविदों की मानें तो आगामी तीन दिनों तक वर्षा का क्रम जारी रहेगा।
इस दौरान किसान आसानी से धान की रोपाई कर सकते हैं। तराई के लोगों को पखवारे भर से वर्षा का इंतजार था। लेकिन बादल दगा दे रहे थे। मंगलवार शाम से मौसम अंगड़ाई ले रहा था। रात 11 बजे के आसपास बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ और फिर तराई में मानसून ने दस्तक दिया।
देर रात शुरू हुई मानसूनी वर्षा का दौर बुधवार को पूरे दिन जारी रहा। सुबह झमाझम बरसात के बाद पूरे दिन बूंदाबांदी और बौछारें रुक-रुक कर पड़ती रहीं। ऐसे में शहर के साथ कस्बे और ग्रामीण अंचलों का जनजीवन तो अस्तव्यस्त दिखा।
लेकिन उमस गर्मी से बेहाल जिले के लोगों को काफी सुकून महसूस हुआ। किसानों के चेहरे खिल गए। रात में हुई वर्षा से सुबह धान के खेत लबालब दिखे। ऐसे में पहले से तैयारी कर चुके किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी।
किसानों का कहना है कि मानसूनी वर्षा उनके लिए अमृत साबित हुई है। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि रात से शुरू हुई वर्षा के साथ ही मानसून ने तराई में दस्तक दे दी है। मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है।