नानपारा (बहराइच)। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष जूही सिंह ने सोमवार को नानपारा सीएचसी का निरीक्षण किया। काफी अव्यवस्था मिली। मरीजों ने बाहर की दवा लिखे परचे दिखाए। इस पर वह बिफर पड़ीं।
बोलीं, इस तरह की अव्यवस्था वाला अस्पताल पूरे प्रदेश में नहीं है। इसके बाद उन्होंने कौशल विकास मिशन केंद्र का मुआयना किया तो यहां दो प्रशिक्षणार्थी एवजी पर बैठे मिले।
इस पर वह बेहद नाराज हुईं। उन्होंने आईटीआई के प्रिंसिपल और केंद्र प्रभारी को अभिलेखों के साथ मंगलवार को जिला मुख्यालय तलब किया है।
बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष जूही सिंह जिले के दौरे पर हैं। सोमवार सुबह 11 बजे वह नानपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। यहां प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके कुरील की कुर्सी खाली थी।
वहां मौजूद दो चिकित्सकों ने बताया कि विभागीय कार्य से मिहींपुरवा गए हैं, जबकि कुछ चिकित्साकर्मियाें ने उनके जिला मुख्यालय जाने की बात कही। इस पर जूही ने स्वयं चिकित्सक के नंबर पर फोन मिलाया तो पता चला कि वह फैजाबाद में हैं।
इसके बाद जूही सिंह ने लेबर रूम, दवा वितरण कक्ष, इंडोर और आउटडोर सेक्शन का निरीक्षण किया। भर्ती मरीजों ने अध्यक्ष को पर्चे दिखाकर डॉक्टरों द्वारा बाहर से दवा लिखने की शिकायत की।
इस पर अध्यक्ष भड़क उठीं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में इस तरह की अव्यवस्था वाला अस्पताल नहीं देखा। सर्जन और महिला चिकित्सक न होने की बात पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
इसके बाद आयोग की अध्यक्ष कौशल विकास मिशन प्रशिक्षण केंद्र पहुंचीं। यहां पर 27 प्रशिक्षणार्थियों के सापेक्ष सिर्फ नौ प्रशिक्षणार्थी मौजूद मिले। उन्हें बैंकिंग सेवा का प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
अध्यक्ष जूही ने उपस्थित पंजिका से प्रशिक्षणार्थियों की जांच की तो दो प्रशिक्षणार्थी एवजी पर प्रशिक्षण पर प्राप्त करते मिले। इस पर उन्होंने केंद्र प्रभारी अब्दुल कादिर की क्लास लगाई। आयोग की अध्यक्ष ने केंद्र प्रभारी और आईटीआई के प्रिंसिपल वीरेंद्र कुमार को जिला मुख्यालय पर तलब किया है।