बहराइच। गांव से लेकर शहर तक वायरल फीवर पैर पसार चुका है। बावजूद इसके सेहत महकमा अनजान बना हुआ है। बदलते मौसम में बड़ी संख्या में वायरल बुखार के मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में औसतन 300 मरीज व सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी में मरीजों की संख्या 2000 के पार पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर मरीज वायरल, खांसी-जुकाम के रहते हैं। देहात क्षेत्रों में झोलाछाप खूब चांदी काट रहे हैं।
सितंबर शुरू होते ही वायरल बुखार तेजी से लोगों को जकड़ रहा है। हालात ये हैं कि घर-घर में वायरल से लोग ग्रस्त हैं। अस्पताल खुलने से पहले मरीजों की भीड़ उमड़ने लगती है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा मरीज जुकाम-बुखार, एलर्जी और खांसी के पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी व पीएचसी की ओपीडी में डॉक्टर के कक्ष के बाहर, दवा काउंटर, पर्चा काउंटर व पैथालॉजी में लंबी लाइन देखने को मिल रही है। वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है।
वायरल बुखार के लक्षण
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि बार-बार ठंड लगना, कंपकंपी या कंपन होना, थकान और कमजोरी, सिरदर्द, गले में खराश, बहती नाक, मांसपेशियों में दर्द, पसीना आना, भूख न लगना व निर्जलीकरण आदि वायरल बुखार के लक्षण हैं। ये लक्षण दिखें तो फौरन सरकारी अस्पताल के डॉक्टर के पास जाएं और इलाज कराएं।
बीमारी से बचने के उपाय
-सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-अपने आसपास साफ-सफाई रखें।
-घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।
-बारिश के दौरान भीगने से बचने का प्रयास करें।
अस्पतालों में सभी दवाएं व जांच किट मौजूद
मौसम में हो रहे बदलाव के चलते लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जिले के सभी अस्पतालों में सभी दवाएं व जांच किट मौजूद है। आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को बीमारी से बचाव का तरीका बता रहे हैं।
-संजय कुमार शर्मा, सीएमओ