अनाज न मिलने से भड़के सोरहिया के ग्रामीणों ने बुधवार को एनएच 28सी अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया, जिससे डेढ़ घंटे तक मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। इस दौरान ग्रामीणों ने अनाज की सूची में नाम शामिल कराने की मांग की। रुपईडीहा पुलिस ने गुस्साए ग्रामीणों को समझा कर शांत कराया। लोगों ने एक सप्ताह में नाम सूची में शामिल न होने पर पुन: सड़क जाम करने की चेतावनी दी है।
रुपईडीहा थाना अंतर्गत सोरहिया गांव के लगभग 200 ग्रामीणों का नाम अनाज सूची में नहीं है। जबकि 50 कार्डधारकों का नाम पहले के कोटेदार की सूची से काटकर कमला आर्य के कोटे में दर्ज कर दिया गया है।
बुधवार दोपहर में गांव के लोग जब अनाज लेने कोटेदार ओरीलाल की दुकान पर पहुंचे तो वहां पर सूची में नाम न होने के चलते कोटेदार ने अनाज देने से मना कर दिया। सूची से नाम गायब होने की बात पर ग्रामीण और कोटेदार के बीच बहस हुई। इसी बीच अनाज लेने पहुंचे ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने राशन की दुकान के सामने स्थित नानपारा-नेपालगंज मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्रामीण नारेबाजी करते हुए कोटे की सूची में नाम जोड़ने और अनाज प्रदान करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के चलते जाम की स्थिति बन गई। नानपारा और नेपालगंज की ओर से आने वालों वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना थाने पहुंची तो थानाध्यक्ष राजेश सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। काफी मान मनौवल के बाद ग्रामीण इस शर्त पर माने कि सप्ताह भर में सभी का नाम पहले के कोटेदार के कोटे से जोड़ा जाए। साथ ही जिन कार्डधारकों का नाम सूची में नहीं है, उसे भी सम्मिलित किया जाए। एसओ के आश्वासन पर जाम हट सका। प्रदर्शनकारियों में कौशिल्या, मीना, लालता, जगपता, शोभावती, रामनिवास, कल्लू, रंगीलाल, चिनमा, मैकू, मोहम्मद अली आदि शामिल रहे।