जरवलरोड। लखनऊ-बहराइच हाईवे पर सरयू नदी के ऊपर बने संजय सेतु पर करीब 50 दिन बाद एक बार फिर बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद जगी है। 16 अप्रैल से बंद इस महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 5 जून तक पुल को यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया है। निर्माण कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है।
साइड इंजीनियर सुजीत कुमार ने बताया कि पुल पर कुल 244 बेयरिंग बदले जाने हैं। इनमें से 230 बेयरिंग बदले जा चुके हैं, जबकि शेष 14 बेयरिंग बदलने का कार्य तेजी से जारी है। विभाग का प्रयास है कि इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए।
उन्होंने बताया कि पुल के डेक की मरम्मत, वाटरप्रूफिंग और बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसके अलावा रेलिंग की मरम्मत, डेंटिंग-पेंटिंग, साफ-सफाई और अन्य फिनिशिंग कार्य भी अंतिम दौर में हैं।
गौरतलब है कि 16 अप्रैल को पुल में तकनीकी खामी मिलने के बाद सुरक्षा कारणों से इस पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया था। इसके बाद लोगों की सुविधा के लिए पीपा पुल को वैकल्पिक मार्ग के रूप में चालू किया गया था, जबकि भारी वाहनों को सीतापुर होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
पुल बंद होने से व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहन चालकों का कहना है कि लंबा रास्ता तय करने से समय के साथ ईंधन खर्च भी काफी बढ़ गया। व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।
एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि अधिकांश तकनीकी कार्य पूरे हो चुके हैं। विभाग की कोशिश है कि 5 जून तक पुल को पूरी तरह सुरक्षित बनाकर यातायात के लिए खोल दिया जाए।
संजय सेतु बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बाराबंकी को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। ऐसे में इसके दोबारा शुरू होने से न सिर्फ यातायात व्यवस्था सुचारु होगी, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार को भी नई रफ्तार मिलेगी।