रुपईडीहा में सहकारी समिति पर खाद के लिए जुटे किसान। -संवाद
बहराइच। यूरिया को लेकर भारी संकट गहराता जा रहा है। कई इलाकों में यूरिया या तो पूरी तरह नदारद है या किसानों को तय दर से कहीं ज्यादा कीमत पर खरीदनी पड़ रही है। खासतौर पर मटेरा, मिहींपुरवा, इंटहा, मोहम्मदपुर, असवा, शंकरपुर चौराहा और चित्तौरा में यूरिया का स्टॉक नहीं है, तो कहीं 400 से 550 रुपये प्रति बोरी तक कीमत वसूली जा रही है।
जिला प्रशासन पर्याप्त मात्रा में जिले में यूरिया की उपलब्धता का दावा कर रहा है, लेकिन मटेरा चौराहा और उसके आस-पास के इलाकों में किसान प्राइवेट दुकानदारों से 500 से 550 रुपये प्रति बोरी तक में यूरिया खरीदने के लिए मजबूर हैं। कुछ किसानों का कहना है कि दुकानदार खाद देते वक्त हिदायत दे रहे हैं कि रेट किसी से मत बताना, वरना अगली बार खाद नहीं मिलेगी।
सरकारी समितियों पर भी बुरा हाल है। ओवररेटिंग से किसान परेशान हैं। चित्तौरा ब्लॉक में कटरा बहादुरगंज की सहकारी समिति में किसान तय मूल्य से 10 रुपये अधिक, यानी 275 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया खरीद रहे हैं। जब सचिव से पूछा गया, तो उन्होंने पल्लेदारी और अन्य खर्चों का हवाला देकर अधिक दाम वसूलने की बात कही। इससे किसानों में नाराजगी है।