बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद कार्यकर्ताओं के नाम अपने संदेश में कहा कि बहुजन समाज का हित बसपा सरकार बनने पर ही सुरक्षित है। डॉ. आंबेडकर ने बहुजन समाज को वोट का अधिकार दिलाया तो बसपा के उदय के बाद बहुजनों को 27 फीसद आरक्षण का लाभ मिला। इसके बावजूद बहुजनों का अन्याय और शोषण जारी है। इसका निदान बसपा सरकार बनने पर ही होगा।
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद कहा कि देश की सत्ता में सामंती व जातिवादी सोच वालों तथा शोषणकारी तत्वों के हावी रहने के कारण बाबा साहेब का मानवतावादी, सर्वजन-हितैषी व बहुजन-कल्याणकारी संविधान अपने पवित्र उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल नहीं हो पा रहा है। ऐसा अनुपम संविधान होने के बावजूद भारत अभी तक स्वावलंबी, आत्मनिर्भर व विकसित नहीं बन सका है।
करोड़ों बहुजनों को गरीबी, बेरोजगारी, जातिवादी द्वेष व जुल्म-ज्यादती से मुक्ति नहीं मिल सकी है। केंद्र में रही विभिन्न पार्टियों की रही सरकारों ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने में लंबा वक्त लगाया। बसपा के रूप में बहुजन समाज की राजनीतिक शक्ति की उदय होने के बाद अंतत: वीपी सिंह की गठबंधन सरकार में बाबा साहेब और नेल्सन मंडेला को भारत रत्न मिला। साथ ही ओबीसी समाज को मंडल आयोग की सिफारिश पर सरकारी नौकरी व शिक्षा के क्षेत्र में 27 प्रतिशत आरक्षण मिला।
संवैधानिक जिम्मेदारी निभाएं
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि हर दुख को सह लेने की शक्ति होने का यह मतलब नहीं है कि सरकारें जनता को गरीबी, बेरोजगारी व पिछड़ेपन आदि की खाई से निकालने और उन्हें आत्मसम्मान का जीवन देने की संवैधानिक व कानूनी उत्तरदायित्वों को सही से न निभाएं।
यह कार्य आंबेडकरवादी पार्टी बसपा के राज में ही संभव है। सरकार आंबेडकर जयंती पर बहुजन समाज की सुरक्षा, सम्मान व विकास आदि का आकलन भी करे, तभी इन वर्गों पर सरकार, सत्ताधारी पार्टी व सामंतों का जातिवादी शोषण व जुल्म का सिलसिला थमेगा।
राजधानी में उमड़ा हुजूम
मायावती के निर्देश पर राजधानी के गोमतीनगर स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर बसपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने अपने परिवार के साथ आकर नमन किया। बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल की अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 18 मंडलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प दोहराया। मायावती ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए यकीन दिलाया कि उनकी मेहनत रंग लाएगी।