बहराइच। रेडियोलॉजिस्ट विभाग के डॉक्टर व फार्मासिस्टों के सड़क दुर्घटना में घायल होने से मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड बंद हो गया है। शनिवार को अल्ट्रासाउंड कराने आए सभी मरीज लौट गए। उन्हें निजी सेंटरों पर जाकर महंगे दामों में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। गंभीर रूप से घायल एक फार्मासिस्ट को लखनऊ रेफर किया गया है।
बेहतर इलाज के लिए जिले के 14 ब्लॉकों के ग्रामीण, शहरवासियों के अलावा गोंडा, बलरामपुर व श्रावस्ती जिले के मरीज मेडिकल कॉलेज बहराइच आते हैं। इस समय प्रतिदिन लगभग 22 से 25 सौ मरीज इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। दरअसल, रेडियोलॉजिस्ट विभाग में तैनात डॉ. बृजेश कुमार बेन (43), फार्मासिस्ट मनोज कुमार (43) व अर्जुन सिंह (45) शुक्रवार को श्रावस्ती जिले के सोनपथरी मंदिर में भगवान शिव का दर्शन करने गए थे।
देर शाम को लौटते समय उनकी कार के सामने एक हिरन का बच्चा आ गया। उसे बचाने में उनकी कार एक पेड़ से टकरा गई।दुर्घटना में तीनों लोग घायल हो गए। इलाज के लिए देर रात मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इसमें मनोज सिंह का दाहिना पैर व दाहिनी कलाई टूटी होने के कारण लखनऊ रेफर किया गया है।
मरीज बोले नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड
मिहींपुरवा क्षेत्र के जालिमनगर मंझरा निवासी पैकरमा (75) कई दिनों से बीमार हैं। वे मेडिकल कॉलेज बहराइच में भर्ती हैं। शनिवार को डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा था। दोपहर लगभग एक बजे रेडियोलॉजिस्ट विभाग में मौजूद धनदेई ने बताया कि वे अपने पति का अल्ट्रासाउंड कराने आई थीं लेकिन अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। जरवलरोड के मुस्तफाबाद निवासिनी तबस्सुमजहां ने बताया कि वे अल्ट्रासाउंड कराने आई थीं लेकिन अल्ट्रासाउंड हो सका। उनके साथ आए फखरपुर थाने के सुरक्षा गार्ड रमेश कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड कराने के लिए छह दिन बाद आने को कहा गया है।
रेडियोलॉजिस्ट विभाग के डॉक्टर दुर्घटना में घायल हो गए हैं। इससे अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। - डॉ. ओपी चौधरी, सीएमएस मेडिकल कॉलेज, बहराइच