बहराइच। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), लखनऊ जोनल यूनिट की टीम द्वारा भारत नेपाल सीमा पर पकड़े गए दो चरस तस्करों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 15-15 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एनसीबी लखनऊ यूनिट के अधिकारियों ने बताया कि 11 मार्च 2020 को जिले के रुपईडीहा क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा के पास एक वाहन को रोक कर तलाशी ली गई थी। तलाशी के दौरान वाहन से 31.37 किलोग्राम चरस बरामद हुई। मौके पर दो आरोपी ज्ञानचंद और तिलक सुनार को गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में जांच के बाद 2 सितंबर 2020 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में एनडीपीएस अधिनियम के तहत औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। मुकदमे में अभियोजन पक्ष के पांच गवाहों से पूछताछ हुई और कड़ी बहस के बाद 23 सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए चरस तस्करी के आरोपी ज्ञानचंद और तिलक सुनार को दोषी करार दिया।
कोर्ट ने दोनों दोषियों को एनडीपीएस अधिनियम के तहत 15-15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।