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Bahraich: सरयू नदी में डूबने से दो की मौत, बच्चों की सूचना पर ग्रामीणों ने बाहर निकाले शव, परिजनों में मातम

Fri, 21 Apr 2023 10:17 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच

सार

 गांव के संदीप और  लल्लन सरयू नदी के किनारे कुछ बातचीत कर रहे थे। जिसके बाद अचानक दोनों लोग नदी में डूब गये। वहां पर मौजूद बच्चों ने ग्रामीणों को सूचना दी।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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बहराइच के फखरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रौंदौपुर के मजरा सुआगाड़ा निवासी दो लोगों की गांव के बगल में ही सरयू नदी में डूब कर मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। शुक्रवार शाम को गांव के संदीप कुमार 18 वर्ष पुत्र नन्हे लाल व लल्लन 38 वर्ष पुत्र उदयराज गांव से करीब 700 मीटर दूरी पर सरयू नदी के किनारे कुछ बातचीत कर रहे थे। जिसके बाद अचानक दोनों लोग नदी में डूब गये वहां पर मौजूद बच्चों ने गांव में आकर ग्रामीणों को सूचना दिया ग्रामीण मौके पर पहुंच कर खोजबीन शुरू किया। 

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सूचना पुलिस को दी गई। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों लोगों को बाहर निकाला गया थाना अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि नदी में डूबे दोनों लोगों को फखरपुर अस्पताल लाया गया था जहां पर डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया है। दोनों लोग नदी में कैसे और क्यों गये इसकी जानकारी अभी नहीं हुई है। ग्राम प्रधान मनीष शर्मा ने बताया कि गांव के दो लोगों की डूबकर मौत हुई है कारण अभी स्पष्ट नहीं है। बच्चों ने जो बताया है वही सुना गया है। मौके पर कोई अन्य व्यक्ति नहीं था।


जच्चा-बच्चा की प्राइवेट अस्पताल में मौत

बहराइच के कैसरगंज कस्बे में स्थित एक नर्सिंगहोम में जच्चा-बच्चा की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर परिवार के लोगों ने इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। रात 12 बजे तक हंगामा होता रहा। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। कैसरगंज कस्बे में एक निजी नर्सिंग होम का संचालन होता है। इस अस्पताल में गुरुवार दोपहर में ग्राम पंचायत गोडहिया नम्बर चार गांव अनीता देवी (30) को भर्ती कराया गया। अनीता गर्भवती थी। पति माधवराज ने बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने खून की कमी बताकर दो यूनिट खून लिया। शाम को महिला का प्रसव कराया गया। प्रसव के कुछ देर बात ही जच्चा और बच्चा की मौत हो गई।

 

पति का कहना है कि पत्नी की मौत के बाद भी अस्पताल के कर्मियों ने काफी देर तक मामले को छिपाया रखा। इसके बाद शव नहीं दे रहे थे। सभी ने जच्चा बच्चा को अस्पताल में ही बंद कर दिया। इस पर परिवार के लोगों ने हंगामा कर दिया। सभी ने इलाज में का लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के सामने बवाल शुरू कर दिया। रात 10 बजे से अस्पताल के सामने शुरू हुआ हंगामा रात 12 बजे तक चलता रहा।

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