बहराइच (ब्यूरो)। विकास खंड जरवल के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति जांचने के लिए बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी ने औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान बंभौरी प्रथम, द्वितीय और तृतीय केंद्र बंद मिला। अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर अव्यवस्था मिली। सभी स्थानों पर कार्यकर्त्रियां नदारद मिलीं। इस पर तीन कार्यकर्त्री और पांच सहायिकाओं का वेतन रोक दिया गया है।
दो कार्यकर्त्रियों की घोर लापरवाही के चलते उनके सेवा समाप्ति के लिए पत्रावली तलब की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य ने बताया कि बुधवार सुबह 8:50 बजे बंभौरी प्रथम, द्वितीय और तृतीय आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया गया।
यह तीनों केंद्र प्राथमिक पाठशाला बंभौरा के परिसर में संचालित होते हैं लेकिन केंद्र बंद मिला। केंद्र की कार्यकर्त्री पुष्पा देवी, सहायिका नीलम, सुशीला, कृष्णावती, सुखवीर और मीरा सिंह ड्यूटी से नदारद मिलीं।
पता चला कि कार्यकर्त्री सुशीला केंद्र पर कभी नहीं आती जिसके चलते सभी का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है। सुखवीर कौर की सेवा समाप्ति के लिए बाल विकास परियोजनाधिकारी जरवल से पत्रावली तलब की गई है।
डीपीओ फिर आंगनबाड़ी केंद्र रिठौरा द्वितीय पहुंचे। यहां कार्यकर्त्री मीरा गुप्ता नदारद मिलीं। सहायिका सुशीला मौजूद थीं। पंजीकृत 60 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ 15 बच्चे मिले। तौल मशीन गड़बड़ मिली। हॉटकुक्ड भी नहीं था।
अभिलेख कार्यकर्त्री के घर होने का पता चला। बरवलिया प्रथम के निरीक्षण में कार्यकर्त्री सुशीला देवी ड्यूटी से गायब थीं। सहायिका नीरज कुमारी मौजूद मिलीं। 80 बच्चों के सापेक्ष तीन बच्चे मिले। सुशीला देवी की समाप्ति के लिए भी पत्रावली तलब की गई है।