रुपईडीहा। भारत–नेपाल सीमा स्थित आईसीपी रुपईडीहा पर पार्किंग शुल्क में 20 प्रतिशत वृद्धि और पार्किंग अवधि 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे किए जाने के विरोध में रविवार को आयात–निर्यात से जुड़े ट्रकों की हड़ताल शुरू हो गई। शुल्क वृद्धि से व्यापार पर पड़ने वाले असर को लेकर कस्टम हाउस एजेंटों ने प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। दोपहर में वार्ता के बाद कुछ ट्रक नेपाल रवाना किए गए।
भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (आईसीपी) रुपईडीहा कार्गो में पार्किंग शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर व्यापारियों में गहरी नाराजगी है। इसी के विरोध में आईसीपी में भोर से पहुंच रहे ट्रक चालकों ने हड़ताल की घोषणा कर दी, जिसके चलते ट्रकों की कतार लग गई।
रविवार को दोपहर में कस्टम हाउस एजेंट हबीब अहमद ने ट्रक चालकों के साथ आईसीपी मैनेजर को ज्ञापन देकर शुल्क वृद्धि और पार्किंग अवधि कम किए जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि शुल्क बढ़ोतरी से लागत बढ़ेगी और व्यापारी अपना कारोबार गौरीफंटा, सोनौली और बढ़नी जैसे गैर-आईसीपी बॉर्डर की ओर मोड़ सकते हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में रुपईडीहा एकमात्र आईसीपी है। ऐसे में शुल्क वृद्धि भारत–नेपाल के बीच होने वाले आयात–निर्यात को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
आईसीपी में कई सुविधाएं नहीं, एजेंटों ने जताई आपत्ति
- खराब इंटरनेट व्यवस्था
- कैंटीन और पेयजल की उचित सुविधा का अभाव
- रेफर कंटेनरों के लिए प्लगइन सिस्टम न होना
- कार्गो सेक्शन में बिजली की कमी
- निर्यात सेक्शन में वेयरहाउस का अभाव
- इंटरनेट समस्याओं के कारण एक्सामिनेशन कार्य में देरी
प्रबंधन की सफाई : शुल्क सरकार द्वारा निर्धारित
क्षेत्रीय प्रबंधक सुधीर शर्मा ने बताया कि पार्किंग टैरिफ सरकार द्वारा निर्धारित है और देश के सभी आईसीपी पर एक समान लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि आईसीपी कैंटीन फिलहाल बंद है, नया टेंडर जारी किया जा रहा है। इंटरनेट व्यवस्था सुधारने के निरंतर प्रयास हो रहे हैं। क्लीयरेंस में रुकावट न आए, इसका विशेष ध्यान रखा जाता है। पेयजल सुविधा के लिए परिसर में 41 आरओ मशीनें स्थापित की गई हैं।
वार्ता के बाद 64 वाहन हुए रवाना
प्रबंधक सुधीर शर्मा ने बताया कि आईसीपी रुपईडीहा से भारत से नेपाल को नियमित रूप से हाउसहोल्ड सामान पेट्रोलियम व डीजल-सीएनजी गैस, इलेक्ट्रिक गुड्स, बिजली के खंभे, जनरेटर, ट्रैक्टर और चारपहिया वाहन का निर्यात होता है, जबकि नेपाल से आयात में प्रमुख रूप से जड़ी-बूटियां आती हैं। प्रतिदिन 125-150 ट्रक, कई बार 200 तक वाहनों का आवागमन होता है। उन्होंने कहा कि वार्ता के बाद आईसीपी परिसर में 60 पेट्रोलियम टैंकर और चार सब्जी लदे वाहन निर्यात के लिए प्रवेश कर चुके हैं, उन्हें नेपाल रवाना किया गया है। शेष वाहन चालकों से वार्ता हो रही है।