संसद पर आतंकी हमले की 14वीं बरसी पर रविवार को बहराइच विकास मंच की तरफ से कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने आतंकवाद को वैश्विक समस्या बताते हुए इसके खिलाफ एकजुटता की बात कही गई।
13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद भवन पर आतंकवादियों नेे हमला कर दिया था लेकिन सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए संसद के भीतर घुसे पांचों आतंकियों को मार गिराया था। रविवार को बहराइच विकास मंच की तरफ से अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी की अगुवाई में इस आतंकी हमले के 14 वर्ष पूरे होने कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए शहीद उद्यान पहुंचा। यहां नम आंखों से शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके पर अनिल त्रिपाठी एडवोकेट ने कहा कि इस घटना के मास्टर माइंड अफजल गुरु को फांसी देकर भारत सरकार ने सिद्ध कर दिया है कि देश दुश्मनों को जवाब देना जानता है। कर्मचारी नेता सरजीत सिंह ने कहा कि आतंकवाद को समाप्त करने के लिए एकजुट होना होगा। किसान जाग्रति आंदोलन के उध्यक्ष इंद्र कुमार यादव, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के युवा जिलाध्यक्ष मुकेश श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता कर्मवीर सिंह, मंच उपाध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र बाल्मीकि, समाजसेवी मोनू बाल्मीकि आदि ने भी विचार रखे।