बहराइच। प्रदेश सरकार की ओर से बुधवार को पेश बजट से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी है। मेडिकल कॉलेज को मॉडल बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ेंगे। दूसरी ओर बेटियों की पढ़ाई को सहारा देने के लिए स्कूटी और वुमेन हॉस्टल की योजना भी परवान चढ़ेगी।
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मरीजों को लखनऊ रेफर करने की जरूरत कम होगी
मेडिकल कॉलेज बहराइच में पहले से संचालित ट्रॉमा सेंटर को अब लेवल-वन ट्रॉमा सेंटर बनाने की तैयारी है। इससे गंभीर मरीजों को लखनऊ रेफर करने की जरूरत कम होगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने बताया कि एडवांस सर्जरी, रोबोटिक तकनीक और एआई आधारित इलाज की दिशा में काम शुरू होगा। कैंसर और कार्डियोलॉजी के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। लक्ष्य है कि बहराइच मेडिकल कॉलेज को मॉडल मेडिकल कॉलेज बनाया जाए। जिला अस्पताल में बेड और जांच सुविधाएं बढ़ेंगी, जबकि सीएचसी-पीएचसी पर दवाओं और डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर करने की योजना है। सीमावर्ती इलाकों में एंबुलेंस और मातृ-शिशु सेवाओं को भी मजबूत किया जाएगा।
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कॉलेज आना-जाना होगा आसान
सरकार ने 400 करोड़ रुपये से छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की है। बहराइच जिले में इंटर और स्नातक स्तर पर विद्यालयों में करीब 32 हजार छात्राएं पंजीकृत हैं। पहले चरण में 3 से 5 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी मिलने की संभावना है।
किसान पीजी कॉलेज की छात्रा शिवानी मौर्या और अलीशा चौधरी ने कहा कि स्कूटी मिलने से कॉलेज आना-जाना आसान होगा। छात्रा अंजनी नाग ने कहा कि इससे पढ़ाई बीच में रुकने की समस्या कम होगी। वहीं प्रत्येक जिले में वुमेन हॉस्टल स्थापित होने से ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों की छात्राओं को सुरक्षित ठिकाना मिलेगा।
किसान पीजी कॉलेज के प्रबंधक व पूर्व प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि यदि योजनाएं पारदर्शी तरीके से लागू हुईं तो ड्रॉपआउट दर घटेगी और बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। अब जिले में नजर इस बात पर है कि ये घोषणाएं कितनी जल्दी जमीन पर उतरेंगी और आम लोगों को राहत कब तक मिलेगी।
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बजट से जिले में संभावित बदलाव
- ट्रॉमा सेंटर का लेवल-वन में उच्चीकरण।
- कैंसर व कार्डियोलॉजी सुविधाओं का विस्तार।
- जिला अस्पताल व सीएचसी-पीएचसी में संसाधन बढ़ेंगे।
- 32 हजार छात्राओं को स्कूटी योजना से लाभ।
- जिले में वुमेन हॉस्टल की स्थापना।
- सीमावर्ती क्षेत्रों में एंबुलेंस व स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत।
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बजट संतुलित और विकासोन्मुखी
यूपी बजट संतुलित और विकासोन्मुखी है। शिक्षा (12.4 प्रतिशत), कृषि (9 प्रतिशत) और स्वास्थ्य (6 प्रतिशत) पर विशेष फोकस मानव पूंजी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। 3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन दर्शाता है। कौशल निर्माण केंद्रों की क्षमता बढ़ाने और युवाओं के रोजगार पर जोर सराहनीय है। विश्व बैंक समर्थित यूपी एग्री प्रोजेक्ट से कृषि निर्यात व किसानों की आय बढ़ेगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, जन विश्वास सिद्धांत और डिजिटल उद्यमी योजना से उद्योग, नवाचार व तकनीकी प्रगति को बढ़ावा मिलेगा।
-डॉ. विवेक कुमार जायसवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, किसान पीजी कॉलेज