रुपईडीहा। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा की वास्तविक परिस्थितियों को समझने के लिए शुक्रवार को 23 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों का दल सीमा पर पहुंचा। टीम ने पुलिस और सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों के साथ सीमा क्षेत्र में पैदल मार्च कर विभिन्न संवेदनशील प्वाइंट्स का जायजा लिया और नो-मैन्स लैंड के हालात को समझा।
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी ने प्रशिक्षुओं को सीमा की भौगोलिक स्थिति, संवेदनशीलता, दोनों देशों के बीच होने वाले आवागमन, आव्रजन प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर तैनात बलों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उन्हें किस तरह तकनीक व समन्वय के माध्यम से संभाला जाता है।
निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने पुलिस और एसएसबी के जवानों से संवाद कर सीमा सुरक्षा की चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। एसएसबी की 42वीं वाहिनी के कैंप में सहायक कमांडेंट अभिषेक कुमार ने आवागमन, जांच प्रक्रिया और सीमा पर होने वाली अवैध गतिविधियों की रोकथाम के बारे में बताया।
दल ने नो-मैन्स लैंड के पास स्थित संवेदनशील क्षेत्रों का भी दौरा कर वास्तविक परिस्थितियों का अवलोकन किया। इसके बाद प्रशिक्षु अधिकारी आईसीपी (एकीकृत जांच चौकी) पहुंचे, जहां उन्हें बॉर्डर प्रबंधन, दस्तावेज सत्यापन, आव्रजन और सीमा पार व्यापार से जुड़ी औपचारिकताओं के बारे में बताया गया।
निरीक्षण के दौरान एएसपी ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी, प्रभारी निरीक्षक रुपईडीहा रमेश सिंह रावत, एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट रमन, असिस्टेंट कमांडेंट अभिषेक कुमार, इंस्पेक्टर ऋतुराज सहित पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।