रुपईडीहा (बहराइच)। कोरोना के चलते मार्च से भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन ठप है। इससे व्यापार के साथ पर्यटन पर भी काफी असर पड़ा है। नेपाल सरकार ने 17 दिसंबर को पुन: कोरोना संक्रमण को देखते हुए सीमा पर आवागमन की बंदी को आगे बढ़ा दिया है। इससे दोनों देश के लोगों को मायूसी हाथ लगी।
मार्च से कोरोना संक्रमण देश में फैला। इस पर भारत सरकार ने नेपाल में आवागमन रोक दिया था। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए नेपाल सरकार ने भी आवागमन रोक दिया। नेपाल सरकार की ओर से 17 दिसंबर तक दोनों देशों के नागरिकों के आवागमन पर पूरी तरह से रोक थी, जिसकी समय सीमा गुरुवार को पूरी हो गई। दोनों देशों के लोगों में सीमा खुलने की आस जगी, लेकिन गुरुवार को नेपाल सरकार के प्रवक्ता विष्णु देवराज ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अभी कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। इसको देखते हुए भारत, नेपाल और चीन की अंतरराष्ट्रीय सीमा खोलने का कोई विचार नहीं है। प्रवक्ता ने बताया कि अग्रिम आदेश तक सीमा पर आवागमन पूरी तरह से बंद रहेगा। वहीं, सीमा सील होने से नेपाल में पर्यटन पूरी तरह से ठप हो गया है। क्योंकि भारतीय नागरिक नेपाल को पर्यटन के लिए नहीं जा पा रहे हैं।
इलाज कराने वालों को भी प्रवेश मिलने में दिक्कतें
नेपाल के नेपालगंज में बड़ा आंख अस्पताल संचालित है। यहां पर बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक आंख का ऑपरेशन और इलाज कराने के लिए जाते हैं, लेकिन सीमा पर आवागमन बंद होने से ऐसे मरीजों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। काफी मिन्नत व कागजात दिखाने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।