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बोटिंग बिना ही ले सकेंगे डॉल्फिन की उछलकूद का लुत्फ

Tue, 07 Jul 2015 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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कतर्नियाघाट में अगर आप बोटिंग नहीं करना चाहते हैं फिर भी डॉल्फिन की उछलकूद देखने की इच्छा है तो आपके लिए खुशखबरी है।
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अब बिना बोटिंग के ही रोमांचित करने वाले इस पल के आप साक्षी बन सकते हैं। रिवर सफारी परियोजना के तहत गेरुआ नदी के तट पर पांच स्थल चिह्नित किए गए हैं, जहां प्री-हट वाॅच टावर बनाया जा रहा है।

इस हट पर चढ़कर पर्यटक आसानी से डॉल्फिन की उछलकूद को अपने कैमरे में कैद कर सकेंगे। इसके साथ ही मोटरबोट स्टेशन स्थापित किया गया है।

थीम गेट बनाने की कवायद भी शुरू की गई है। 16 नवंबर को सेंक्चुरी क्षेत्र के खुलने पर पर्यटक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने का काम चल रहा है।

उसी के तहत नवीन सत्र में आने वाले पर्यटकों को बिना बोटिंग किए डॉल्फिन की उछलकूद और नदी के तट तथा टापू पर धूप सेंकते घड़ियाल और मगरमच्छ दिखाने का इंतजाम किया जा रहा है।
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इसके लिए कतर्नियाघाट रेंज के गेरुआ नदी तट पर रीवर सफारी परियोजना को विकसित करने का कार्य शुरू किया गया है।

अमर उजाला से बातचीत में डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि कतर्निया आने वाले सभी पर्यटक बोटिंग नहीं करना चाहते लेकिन जलीय जीवों को देखने की इच्छा सब में होती है।
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इस तरह के पर्यटकों को बिना नाव और मोटर बोट पर सवार हुए जलीय जीवों को दिखाया जाएगा।

इसके लिए भवानीपुर घाट, नावघाट, तटबंध मोड़ और वाच टावर के निकट प्री-हट वाॅच टावर की स्थापना कराई जा रही है।

यह वाॅच टावर पेड़ की सहायता से बनाए जा रहे हैं, जिन पर सीढ़ियां लगी रहेंगी। उस पर चढ़कर पर्यटक नदी में उछलकूद करने वाली डॉल्फिन, धूप सेंकते घड़ियाल और मगरमच्छ तथा अन्य जलीय जीवों को देखकर रोमांचित हो सकेंगे।

एक प्री-हट वाच टावर के निर्माण में करीब 50 हजार का खर्च आएगा।
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