नवाबगंज में स्थित मंगली नाथ शिव मंदिर।
बहराइच/ नवाबगंज। जिले के सात प्राचीन मंदिरों का पर्यटन विभाग विकास करेंगा। इसके लिए पांच करोड़ 25 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें से प्रत्येक मंदिर पर 75 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति मिली है। इसमें पांडवकालीन मंगलीनाथ, शहर की बेरिया माता मंदिर का नाम शामिल है।
जिले में सात से अधिक शिव व देवी मां के मंदिर हैं जो प्राचीन हैं। यहां प्रति वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसमें से कुछ स्थान तो ऐसे हैं जहां प्रति वर्ष लोगों की भीड़ जमा रहती है। इसमें नवाबगंज ब्लाॅक के मंगलीनाथ शिव मंदिर का नाम प्रमुख है। यह मंदिर पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान भगवान शिव की आराधना के लिए स्थापित किया था। तभी से यहां लाग अपनी मन्नतों को लेकर आते हैं।
अति प्राचीन होने के कारण अब यह जर्जर होने लगा था। इसलिए पर्यटन विभाग अब इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराने जा रहा है। इसके लिए 75 लाख रुपये खर्च होंगे। इसी के साथ ही शहर के बेरिया माता मंदिर के विकास पर भी उतने ही रुपये खर्च होने हैं। इससे मंदिर की बाउंड्रीवाॅल के साथ अन्य कार्य कराए जाएंगे। इसी क्रम में पयागपुर के प्राचीन हनुमान मंदिर, नानपारा के रायपुर धोविहार स्थित बूढ़ेश्वरनाथ मंदिर, बलहा के बेचईपुरवा जगन्नाथपुर स्थित भारत माता मंदिर, महसी के ग्राम सरायं मेहराबाद तेजवापुर मरीमाता मंदिर, कैसरगंज स्थित शरदपारा फखरपुर हरदौसी माता मंदिर में भी पर्यटन के विकास के लिए 75-75 लाख रुपये मिले हैं।
पर्यटन विभाग ने जिले के सात मंदिरों का चयन पर्यटन विकास के लिए किया है। सभी मंदिरों पर 75-75 लाख की लागत से कार्य कराया जाना है। इसकी प्रक्रिया जल्द ही आगे बढ़ेगी।
- मोनिका रानी, डीएम