बहराइच। विश्व निमोनिया दिवस के अवसर पर बुधवार को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में जागरूकता संगोष्ठी हुई। इस मौके पर समय से इलाज से निमोनिया की रोकथाम और शुरुआती लक्षणों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज ने की, जबकि संचालन डॉ. अरविंद शुक्ला ने किया। उन्होंने कहा कि सर्द मौसम में छोटे बच्चों को संक्रमण से बचाना बहुत जरूरी है। अगर बच्चे को तेज बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है।
संगोष्ठी में एमबीबीएस छात्रों, पैरामेडिकल स्टाफ और मरीजों के अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि निमोनिया बच्चों में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है, लेकिन यह पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है। समय पर पहचान, टीकाकरण और सही उपचार से अधिकांश बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने कहा कि टीकाकरण और समय पर इलाज ही निमोनिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने बाल रोग विभाग के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में मददगार हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने निमोनिया की रोकथाम और टीकाकरण के प्रति जागरूक रहने की शपथ ली। इस मौके पर डॉ. अन्नू सिंह, डॉ. विकास, डॉ. मजहर, डॉ. एसके त्रिपाठी, डॉ. विजय मिश्रा, डॉ. कुरील आदि मौजूद रहे।