कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में शनिवार की रात बाघ के चार शिकारियों ने घुसपैठ की। वन कर्मियों व एसएसबी के जवानों ने घेराबंदी कर एक शिकारी को दबोच लिया, जबकि तीन शिकारी घने जंगल से नेेपाल सीमा में भाग गए। पकड़े गए शिकारी की निशानदेही पर बाघ और तेंदुए का शिकार करने वाला खाबड़, असलहा और बारहसिंगा का सींग बरामद हुआ। बरामद असलहा और सींग को सीज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया। वहीं, फरार तीन नेपाली शिकारियों की धरपकड़ के लिए नेपाल पुलिस और वनाधिकारियों से संपर्क किया गया है।
कतर्निया घाट संरक्षित वन क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा है। जंगल के मुर्तिहा रेंज अंतर्गत नोमेंस लैंड के पिलर नंबर 68/69 के मध्य बाघ के शिकारियों की घुसपैठ की सूचना रात में वन विभाग के अधिकारियों को मिली।
इस पर वन विभाग की टीम ने एसएसबी धर्मापुर बीओपी के असिस्टेंट कमांडेंट हरीश कुमार सिंह से संपर्क किया। रात में ही नेपाल बार्डर के 500 मीटर अंदर जंगल में एसएसबी और वन विभाग की टीम ने कांबिंग शुरू की। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ जीपी सिंह व मुर्तिहा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि कांबिंग के दौरान चार व्यक्ति जंगल में दिखे।
इस पर घेराबंदी की गई तो सभी ने पहले वन विभाग की टीम से मुठभेड़ की कोशिश की, लेकिन इसी बीच तीन शिकारी घने जंगल से होकर नेपाल सीमा में भाग गए। रेंजर व असिस्टेंट कमांडेंट ने बताया कि एसएसबी धर्मापुर के एसआई राजेश सिंह, सुनील कुमार पूनिया और वन दरोगा अब्दुल खालिक, वन्य जीव रक्षक देवतानंद तिवारी, अर्दली मेंहदी हसन के सहयोग से एक नेपाली शिकारी को दबोच लिया गया।
उसकी निशानदेही पर जंगल में शिकार के लिए छिपाकर रखा गया 315 बोर का तमंचा, छह कारतूस, बाघ का शिकार करने वाला एक खाबड़ व बारहसिंगा का सींग बरामद हुआ। पकड़े गए नेपाली शिकारी की पहचान दिनेश बंजारा निवासी छेदापुरवा थाना गुलरहिया जिला बर्दिया नेपाल के रूप में की गई।