सुजौली रेंज के रामपुर रेतिया गांव के पास दो दिन से बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ रही है। सोमवार दोपहर बाघ ने एक नील गाय का शिकार कर लिया। इसके घंटे भर बाद लकड़ी तोड़ने जंगल जा रही महिलाओं को भी रास्ते में बाघ बैठा मिला।
महिलाओं के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने हांका लगाना शुरू किया। काफी भीड़ पहुंच गई। तब बाघ जंगल की ओर भाग गया। घटना से लोग दहशत में हैं। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के सुजौली रेंज अंतर्गत रामपुर रेतिया गांव स्थित है। गांव जंगल के मध्य बसा हुआ है।
शुक्रवार सुबह जंगल से निकले बाघ ने गांव से 100 मीटर की दूरी पर एक नीलगाय का शिकार कर उसे निवाला बना लिया। यह वाकया कई ग्रामीणों ने देखा। घटना के एक घंटे बाद गांव निवासी कुसुमी देवी, सरस्वती, तीजा, कबूतरी, बासमती, गीता, सुरसतिया और विमला जंगल के निकट सूखी लकड़ी बीनने जा रही थी।
तभी सामने रास्ते पर बाघ बैठा दिखा। महिलाओं ने शोर मचाना शुरू किया। इस पर गांव के लोग हांका लगाते हुए दौड़े। तब बाघ रास्ते से हटकर जंगल की ओर भाग गया।