औराही जगीर गांव में एक ग्रामीण के घर होली मिलने उसका साला और बुआ आए थे। मंगलवार रात होली का जश्न मनाते हुए तीनों ने छक कर कच्ची शराब पी ली। रात एक बजे तबियत बिगड़ी तो घरेलू इलाज शुरू हुआ। लेकिन कुछ देर में एक-एक कर तीनों की मौत हो गई। इससे गांव में कोहराम मच गया।
सुबह मृतक महिला और युवक का शव उनके परिवारीजन लेकर चले गए। होली के मौके पर हरदी थाना अंतर्गत औराही जगीर निवासी बंशीलाल (61) पुत्र बच्चूलाल ने बौंडी थाना क्षेत्र के राजा रेहुआ निवासी साले कमल (35) पुत्र कृपराम व नंदवल बौंडी निवासी बुआ मैकेना (60) पत्नी अशर्फीलाल को आमंत्रित किया था।
मंगलवार शाम को बंशीलाल ने घाघरा के कछार में बनने वाली कच्ची शराब की दावत दोनों रिश्तेदारों को दी। आस-पड़ोस के लोगों के मुताबिक शाम छह बजे से ही बंशीलाल के घर में शराब की दावत शुरू हुई। रात 10 बजे तक सभी ने शराब पी। इस दौरान हंसी-ठिठोली की आवाजों से आस पड़ोस के लोगों को शराब की दावत का पता चला।
खाना खाकर सभी सो गए, लेकिन रात एक बजे के आसपास बंशीलाल को पेट में जलन और उल्टी की शिकायत हुई। घर से कुछ दूरी पर सो रहे पिता बच्चूलाल को बंशी ने अपनी समस्या बतायी। लेकिन जब तक वह परिवार के सदस्यों को जगाते, तब तक बंशीलाल की तबियत बिगड़ गई। कुछ देर बाद कमल और मैकेना की भी यही हालत हुई।
एक घंटे के अंतराल में भोर तक तीनों ने दम तोड़ दिया। इससे घर में कोहराम मच गया। कमल और मैकेना के परिवारीजन को घटना की जानकारी हुई तो वे सुबह जगीर गांव पहुंच गए। परिवारीजन दोनों के शव लेकर घर लौट गए।
बंशीलाल के अंतिम संस्कार की दोपहर में तैयारी चल रही थी। तभी शराब से मौत की सूचना पाकर हरदी थानाध्यक्ष निर्भय नारायण सिंह मौके पर पहुंचे। उस समय बंशीलाल के शव को श्मशान पर पहुंचाया जा चुका था।
उन्होंने अंतिम संस्कार रोकवाकर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थानाध्यक्ष का कहना है कि ग्रामीणों से मौत की सूचना मिली है। लेकिन मौतें शराब से हुईं या कोई अन्य कारण है, अभी पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।