चित्तौरा झील में डूबकर तीन चचेरी बहनों की मौत के बाद जमा भीड़ व जांच करती पुलिस। -संवाद
बहराइच। पितृविसर्जन के मौके पर चित्तौरा झील में स्नान करने गईं तीन मासूम चचेरी बहनों की शनिवार शाम डूबकर मौत हो गई। हादसे से परिवार के लोग बेसुध हो गए हैं। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
मसीहाबाद के कोड़री गांव निवासी सुरेश की पुत्री प्रियांशी (8), ननके की पुत्री लक्ष्मी (7) और मायाराम की पुत्री दिव्या (6) शनिवार शाम अपने परिजनों के साथ चित्तौरा झील गई थीं। वहां निर्माणाधीन पुल के पास पितृविसर्जन और पिंडदान का कार्यक्रम चल रहा था। उसी दौरान तीनों बच्चियां झील में स्नान करने लगीं।
परिजन पूजन सामग्री अर्पित करने और विसर्जन कार्यक्रम में व्यस्त थे, तभी बच्चियां धीरे-धीरे गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। उनकी चीख सुनकर लोग दौड़े और झील में कूदकर उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीनों अचेत हो चुकी थीं।
ग्रामीण आनन-फानन बच्चियों को मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव का हर कोई मासूम बच्चियों की मौत से गमगीन है।
कोतवाली देहात प्रभारी निरीक्षक दद्दन सिंह ने बताया कि तीनों चचेरी बहनों की डूबकर मौत हो गई है। उपनिरीक्षक धीरेंद्र कुमार और चित्तौरा चौकी इंचार्ज मुकेश पांडेय मौके पर मौजूद हैं।
सुहेलनगर प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती थीं तीनों
झील में डूबकर दम तोड़ने वाली प्रियांशी सुहेलनगर प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन की छात्रा थी जबकि लक्ष्मी कक्षा दो और दिव्या कक्षा एक में पढ़ती थी। स्कूल से लौटने के बाद तीनों परिजनों के साथ झील के तट पर गईं थीं।