बहराइच। हत्या के प्रयास में नानपारा के बहादुरपुरवा गांव निवासी तीन दोषियों को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने बुधवार को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्तों को साढ़े दस-दस हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि ने देने पर अभियुक्तों को तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगी।
बहादुरपुरवा गांव निवासी महिला कैसरजहां ने तीन सितंबर 2003 को कोतवाली में तहरीर देकर कहा था कि उसका पति तैय्यब खां व बेटा आजाद नानपारा से घर लौट रहे थे। जमीन के विवाद को लेकर रास्ते में फैज खां, सुबराती, जिब्राइल व जाहिद खां ने गांव की सीमा पर पति व बेटे को रोका और गाली-गलौज करने लगे। पति ने इसका विरोध किया तो सभी लाठी डंडों से दोनों को पीटने लगे। बेटे के शोर मचाने पर गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान सभी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। थाने की पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी थी। बुधवार को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार गौतम की कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने सुबराती, जाहिद खां व जिब्राइल को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।