बहराइच। विदेशों में कोरोना की वापसी से दुनिया भर के लोग सहम गए हैं। भारत में भी नए वैरिएंट की दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है। शासन ने कोरोना से निपटने के लिए नए सिरे से गाइडलाइन जारी कर लोगों को इसका पालन करने के निर्देश दिए हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बाहर से आने वालों की आरटीपीसीआर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.संजय खत्री के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में सभी दवाएं, उपकरण व वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद हैं। ऐसे में घबराने वाली कोई बात नहीं है। बस सावधानी ही इससे बचने का एकमात्र उपाय है।
जिले में बीते लंबे समय से कोरोना के सक्रिय मरीज न मिलने से कोरोना जांच के लिए संचालित विभिन्न केंद्र बंद कर दिए गए थे। सिर्फ मेडिकल कॉलेज में ही कोरोना की जांच की जा रही थी। शासन की ओर से मिले निर्देशों के बाद अब स्वास्थ्य महकमा भी कोरोना से जंग की तैयारियों में जुट गया है। वेंटीलेटर व बेड समेत अन्य उपकरणों को किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है। जिला अस्पताल में स्थित डेंगू डेडीकेटेड वार्ड को भी आवश्यकता पड़ने पर कोविड डेडीकेटेड वार्ड में बदलने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में संचालित ऑक्सीजन प्लांट भी दुरुस्त किया जा रहा है।
दो सप्ताह से वैक्सीन नदारद, टीकाकरण बंद
मेडिकल कॉलेज में चल रहा कोविड टीकाकरण कार्यक्रम बीते दो सप्ताह से बंद चल रहा है। इसका प्रमुख कारण यहां वैक्सीन उपलब्ध न होना बताया जा रहा है। टीकाकरण कक्ष में मौजूद फार्मासिस्ट ने बताया कि वैक्सीन के अभाव में लगभग दस से 15 लोग वापस लौट जा रहे हैं। हालांकि उच्चाधिकारियों की ओर से वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए मांग की गई है।
असावधानी बरती तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें
कोरोना संक्रमण के प्रति अधिकांश स्थानों पर लोग कोविड गाइड लाइन का पालन करते नजर नहीं आ रहे। सार्वजनिक स्थल हो या बाजार न तो लोग शारीरिक दूरी का पालन कर रहे हैं न ही मास्क का प्रयोग कर रहे हैं। कोविड गाइडलाइन का पालन न करने से समस्या एक बार फिर गहरा सकती है।
अस्पताल में ही उड़ रहीं मानकों की धज्जियां
जिला चिकित्सालय परिसर की निरीक्षण करने पर देेेखा गया कि कोविड गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाने में इस पर रोक लगाने के जिम्मेदार भी शामिल हैं। दवा वितरण कक्ष, पैथॉलाजी समेत अन्य विभागों की ओपीडी के बाहर कोरोना से बचाव के बारे में संदेश देते स्लोगन तो अवश्य नजर आ रहे हैं, लेकिन बात जब शारीरिक दूरी व मॉस्क लगाने की हो तो सभी बातें बेबुनियाद नजर आती है।
जिले में ये है टीकाकरण की स्थिति
जिले में अब तक 22 लाख 48 हजार 288 लोगों ने कोविड वैक्सीन की प्रथम डोज लगवाई है तो वहीं दूूसरी डोज लेने वालों की संख्या 22 लाख 40 हजार 495 है। प्रथम व द्वितीय डोज लेने वालों की संख्या निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष काफी बेहतर रही है, लेकिन बूस्टर डोज लेने वालों की संख्या के आंकड़े परेशान करने वाले हैं। बूस्टर डोज लेने वालों में 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के साथ ही चिकित्सा कर्मियों व फ्रंट लाइन वर्कर्स की संख्या मात्र एक लाख 26 हजार 932 है। वहीं बूस्टर डोज लेने वाले अन्य लोगों की संख्या मात्र 63 हजार 250 है।
विद्यालयों में भी बरती जाएगी सावधानी
अधिकांश विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश घोषित होना शुरू हो गए हैं। काफी संख्या में विद्यालय बंद हो चुके हैं जो खुले हैं वह भी 24 दिसंबर के बाद बंद हो जाएंगे। शीतकालीन अवकाश के बाद पुन: विद्यालय खुलने पर सभी स्कूलों में कोविड गाइड लाइन का पालन कराया जाएगा।
उदयराज प्रभारी डीआईओएस।
सैंपल भेजने के निर्देश
सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों को कोरोना के संदिग्ध मरीजों का सैंपल लेकर जिला मुख्यालय भेजना के निर्देश दिए गए हैं। यहां उसकी जांच कराई जाएगी। यदि उसमें कोरोना की पुष्टि होती है तो स्वास्थ्य टीम भेजकर उसे इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी।
डॉ. एसके सिंह, सीएमओ