नवाबगंज के सतीजोर गांव में घटना के दूसरे दिन गांव में पसरा सन्नाटा।
नवाबगंज(बहराइच)। सतीजोर गांव स्थित तालाब में कमल का फूल तोड़ते उतरी चार चचेरी बहनों महक, साइबा, सामिया और सरिकुल की मंगलवार को डूबकर मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन के समझाने पर पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव गांव पहुंचे। जहां सभी का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान वहां मौजूद सभी गमगीन नजर आए।
वहीं घटना के दूसरे दिन बुधवार को भी सतीजोर गांव के लोग शोकाकुल माहौल में रहे और परिवार व ग्रामीण सदमे से नहीं उबर पाए हैं। गांव की गलियों व चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। परिवार व आस पास के घरों में दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले। मृतक किशोरी महक आसिया, साफिया, बबलू, सलीम, अरमान में चौथे नंबर की थी। वहीं साइबा भाई बहनों सायना, नईम, शाहरुख मेंं दूसरे नंबर, सामिया भाई बहनों में नाजिया, इसरार, इस्तिखार में दूसरे नंबर पर थी। मृतक सरिकुल बहन शफीकुन, चांद मोहम्मद, चांद बाबू में सबसे छोटी होने के कारण सभी की लाडली थी।