बिछिया। निशानगाड़ा रेंज के आजमगढ़पुरवा गांव में शुक्रवार रात तेंदुए ने एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। ग्रामीण और तेंदुए के बीच करीब पांच मिनट तक संघर्ष चलता रहा। इस दौरान पिंजरे की सरिया भी टेढ़ी हो गई। मौके पर ग्रामीणों के पहुंचने से युवक की जान बच सकी। घायल ग्रामीण को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसी गांव में तेंदुए के हमले में पांच दिन पहले एक बालक की मौत हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के बाहरी छोर पर पिंजरा लगाकर उसमें बकरी बांध दी थी। शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे शिकार की तलाश में तेंदुआ गांव में घुस आया।
बताया जा रहा है कि जब तेंदुआ पिंजरे के गेट तक पहुंचा, तभी पास से गांव निवासी लखंदर (35) गुजरा। तेंदुए ने अचानक उस पर झपट्टा मार दिया। युवक ने शोर मचाते हुए तेंदुए से संघर्ष शुरू कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लगभग पांच मिनट तक चले संघर्ष के बाद ग्रामीणों की भीड़ देखकर तेंदुआ वहां से भाग निकला। हमले में लखंदर के सिर पर गहरा घाव हो गया।
घायल युवक को परिजनों और ग्रामीणों ने एंबुलेंस से पीएचसी सुजौली पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे सीएचसी मिहींपुरवा रेफर कर दिया। पीएचसी सुजौली के चिकित्सक डॉ. रामपाल सिंह ने बताया कि युवक के सिर पर गहरा घाव है। एनिमल बाइट की रिपोर्ट बनाकर उसे सीएचसी के लिए रेफर किया गया है।
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संघर्ष में पिंजरे की छड़ हुई टेढ़ा
ग्रामीणों के अनुसार तेंदुए और युवक के बीच हुए संघर्ष के दौरान पिंजरे की एक छड़ टेढ़ी हो गई। इससे पिंजरे की मजबूती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। निशानगाड़ा वन क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और गजमित्रों के साथ ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए चार टीमें लगाई गईं
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि हमले की सूचना मिलने के बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष के दौरान तेंदुए की टक्कर से पिंजरे की एक छड़ टेढ़ी होने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच कराई जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि पिंजरे की छड़ सामान्यतः मजबूत होती है।