बहराइच। शपथ ग्रहण के साथ गांव की सत्ता संभालते ही अपनी पूरी ताकत के साथ पहली बैठक में ग्राम पंचायतें उत्साह से लबरेज होकर काम करती दिखीं। गुरुवार को जिले के 984 ग्राम पंचायतों में खुली बैठक कर सदस्यों के साथ विकास की रूपरेखा पर मंथन किया गया। प्रवासी कामगारों को मनरेगा से रोजगार देने के साथ आवास, सड़क, पेंशन व पेयजल की योजनाओं का खाका तैयार किया गया।
जिले के 14 विकास खंडों में पंचायत चुनाव की अधिसूचना के साथ ही विकास की रफ्तार धीमी हो गई थी। दो मई को मतगणना पूरी होने के साथ शपथ ग्रहण का इंतजार किया जा रहा था। लंबे इंतजार के बाद 25 व 26 मई को शपथ ग्रहण हुआ। जिसके बाद से ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आ गईं। जिलाघिकारी शंभु कुमार के निर्देश पर गुरुवार को एक साथ 984 ग्राम पंचायतों में बैठक आयोजित हुई। जिसमें विकास विभाग, शिक्षा विभाग, बाल विकास विभाग, राजस्व समेत अन्य महकमों के कर्मचारियों को नामित किया गया था। इन सभी मौजूदगी में ग्राम प्रधानों द्वारा खुली बैठक कर गांव के विकास की रणनीति पर जोर दिया गया। डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने बताया कि अब कार्ययोजना बनाकर गांव विकास के काम तेजी से शुरु करा सकेंगे।
इन अधिकारियों की देखरेख में हुई बैठक
विकास खंड फखरपुर के ग्राम हेमनापुर में ग्राम प्रधान शुभम अवस्थी व वीडीओ विनयकांत गौतम की अगुवाई में बैठक हुई। विकास खंड महसी के ग्राम मैकूपुरवा में प्रधान अनूप सिंह व सिंगिया नसीरपुर में प्रधान मोहम्मद मंसूरी की अगुवाई में बैठक हुई। नवाबगंज के सुजौली गांव में प्रधान इरशाद अली, जमुनहा में प्रधान राबिया बानो व वीडीओ विनय जाटव, कलवारी में प्रधान भाग्य लक्ष्मी, बसंतपुर ऊदल में प्रधान रामकिशुन की अगुवाई में खुली बैठक हुई। विकास खंड रिसिया के गौरा धनौली में पंचायत अधिकारी महेश पाठक व प्रधान सुरजीत कौर की अगुवाई में खुली बैठक हुई। कैसरगंज के ग्राम पंचायत ग्राम प्रधान सुमन व वीडीओ पंकज सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई।
केवलपुर में हो गई नोंकझोंक, बैठक स्थगित
विकास खंड नवाबगंज के ग्राम पंचायत केवलपुर में खुली बैठक ग्राम प्रधान अब्दुल कलीम ने बुलाई थी। बैठक में निर्माण समिति के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद हो गया। सदस्यों में नोंकझोंक होने लगी। जिस पर बैठक स्थगित कर दी गई।