बहराइच। तराई में बुधवार की भोर एक बार फिर मौसम ने करवट बदली और शहर समेत कई इलकों में दो घंटे तक झमाझम बारिश हुई। बारिश के चलते सुबह मौसम खुशनुमा हो गया। वहीं बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। वहीं, बारिश के चलते मेडिकल कॉलेज की महिला विंग, इमरजेंसी, पानी टंकी से अस्पताल चौराहा मार्ग, पीपल तिराहा आदि स्थानों पर भारी जलभराव हुआ। इसके अलावा बंदरियाबाग में पानी में करंट उतरने से एक युवक झुलस गया और तीन मवेशियों की मौत हो गई।
बारिश से बुधवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की कमी आई। इसी के साथ अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन दिन में उमस बढ़ी रही और लोगोंं को चिपचिपी गर्मी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
महिला विंग और इमरजेंसी बनी तालाब
सुबह लगभग पांच बजे हुई झमाझम बारिश से मेडिकल कॉलेज की महिला विंग में भीषण जलभराव हुआ और घुटनोंं तक पानी भर गया। वहीं इमरजेंंसी में भी भीषण जलभराव हुआ। सूत्रों की माने तो इमरजेंसी के अंदर तक पानी भरा और पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा।
पानी में उतरा करंट, युवक झुलसा, तीन मवेशियों की मौत
बारिश के दौरान सूफीपुरा मोहल्ले के बंदरियाबाग में भीषण जलभराव हुआ। इस दौरान पानी में करंट उतर आया। इसकी चपेट में आने से सूफीपुरा निवासी इब्राहिम के घोड़े, धनीराम की गाय और एक अन्य गाय की मौत हो गई। वहीं सूफीपुरा मोहल्ला निवासी मुस्तफा (24) झुलस गए और भागते समय घायल भी हो गए। इसके बाद उन्हेंं मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया।
शुरू हुई धान की रोपाई
नवाबगंज विकासखंड क्षेत्र में रविवार और बुधवार की सुबह हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए और खेतों में पानी भर गया। इससे जिन किसानों की धान की नर्सरी तैयारी थी, उन्होंंने रोपाई शुरू करवा दी। बुधवार को क्षेत्र के धोबाही निबिया, उमरिया, गुलहरिया आदि गांवों में रोपाई होती दिखी। गुलहरिया निवासी डॉ. अजय वर्मा भी अपने खेतों में धान की रोपाई करवाते दिखे।
बारिश से किसानों के चेहरे की लौटी मुस्कान
हुजूरपुर विकासखंड क्षेत्र की नहरें इस भीषण गर्मी में सूखी पड़ी थीं। बिजली की आवाजाही से किसानों के पंपिंग सेट नहीं चल रहे थे। ऐसे में क्षेत्र के किसान अपनी खेतों सिंचाई करने के लिए पानी का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को जिले के कुछ इलाकों में मानसून पूर्व हुई पहली बारिश के बाद क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिल उठे। बारिश के होने के बाद किसानों ने अपने-अपने खेतों में पहुंचकर धान की नर्सरी डालने की तैयारी शुरू कर दी। किसान संतोष कुमार, शिवकुमार, राजकुमार आदि ने बताया कि पहली बारिश के पानी से केला व गन्ने की खड़ी फसलों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। किसानों का कहना है कि अब खेतों की जोताई भी आसानी से हो सकेगी।
बहराइच में भोर से हुई बारिश के दौरान पानी में करंट उतरने से हुई मवेशी की मौत।