बहराइच। जिले में रविवार को भी धूप नहीं निकली। पूरे दिन सर्द पछुआ हवा ने लोगों को बेहाल कर दिया। न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लोग ठंड से कांपने को विवश रहे। ठंड का असर इतना तेज रहा कि अलाव और हीटर भी लोगों को पूरी राहत नहीं दे सके।
तराई का मौसम लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। रविवार की सुबह एक बार फिर कोहरे व धुंध का सामना करना पड़ा। ठिठुरन से दिनभर निजात नहीं मिल सकी। 8.9 किमी की रफ्तार से चल रही सर्द पछुआ हवा ने पूरे दिन लोगों को परेशान किए रखा। सुबह भले ही घना कोहरा नहीं रहा, लेकिन बादल पूरे दिन छाए रहे और धूप नहीं निकली।
मजबूरी में घर से निकलने वाले दिहाड़ी मजदूर और राहगीर ठंड से कांपते नजर आए। जनजीवन अस्त-व्यस्त दिखाई दिया। घर में बच्चे और बुजुर्ग कंबल व रजाइयों में दुबके रहे। अलाव और हीटर लोगों का सहारा बने रहे, लेकिन आग से दूर होते ही ठंड का असर फिर महसूस होने लगा।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को जिले का न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आंचलिक मौसम विज्ञान विभाग के विशेषज्ञ एके सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके चलते बादल छाए हुए हैं। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण पछुआ हवा तराई क्षेत्र में ठंड बढ़ा रही है।
नववर्ष पर हो सकती है बूंदाबांदी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी तीन से चार दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रहेगा। कोहरा, धुंध और बदली के चलते ठंड और बढ़ सकती है। नववर्ष के आसपास हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना जताई गई है।
सब्जी व तिलहनी फसलों पर संकट, सजग रहें किसान
जिले में लगातार चार दिन से धूप न निकलने से सब्जी व तिलहनी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। फसल अनुसंधान केंद्र नानपारा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. ने कहा कि लगातार नमी और धूप की कमी से आलू, मटर, सरसों, गोभी, टमाटर, बैंगन व हरी सब्जियों में झुलसा रोग, फफूंद और कीट प्रकोप बढ़ सकता है। तिलहनी फसलों में पत्तियां पीली पड़ने और फूल झड़ने की समस्या सामने आ सकती है।