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Bahraich News: सात साल से अंधेरे में सरकारी आयोजनों का पावर हाउस

Sun, 05 Jul 2026 10:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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अंबेडकरनगर। जिस लोहिया भवन में सरकार की योजनाओं को गति देने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण आयोजित होते हैं, वही भवन करीब सात वर्षों से नियमित बिजली आपूर्ति से वंचित है। वर्ष 2019 में 55 लाख रुपये के बकाये पर कनेक्शन कट गया। वर्तमान में सरचार्ज समेत करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बकाया हो गया है। सरकारी कार्यक्रम, विभागीय बैठकें और निजी आयोजन जुगाड़ कनेक्शन के सहारे होते रहते हैं।
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लोहिया भवन सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), जिला पंचायती राज विभाग समेत विभिन्न विभागों के प्रशिक्षण और कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित होती हैं। लोहिया भवन प्रशिक्षण केंद्र के पदेन प्राचार्य जिला विकास अधिकारी (पंचायत) हैं। भवन की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग की है।
बिजली न होने के कारण लोहिया भवन में 5 केवीए के सोलर प्लांट और 7.5 केवीए जनरेटर के सहारे काम चलाया जा रहा है। हालांकि बड़े आयोजनों के दौरान यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं पड़ती। कई बार विभागीय बैठकों और निजी कार्यक्रमों में बिजली विभाग से वार्ता कर कनेक्शन जुड़वाकर काम चलाया जाता है। (संवाद)
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10 लाख जमा हुए, फिर भी नहीं लौटी बिजली
अगस्त 2019 में करीब 55 लाख रुपये के बकाये के कारण बिजली विभाग ने भवन का कनेक्शन काट दिया था। इसके बाद वर्ष 2023 में ओएसआर मद से 10 लाख रुपये जमा भी कराए गए, लेकिन बकाया अधिक होने के चलते कनेक्शन नहीं जोड़ा जा सका।
दो पैनल खराब, फाइलों में उलझा समाधान
लोहिया भवन के बिजलीघर में लगे दो पैनल भी लंबे समय से खराब पड़े हैं। इनकी मरम्मत और बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए जिला पंचायती राज विभाग को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिणामस्वरूप भवन की बिजली आपूर्ति वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर है।


ग्राम पंचायतों के विकास का तैयार होता है खाका
लोहिया भवन स्थित क्षेत्रीय पंचायत रिसोर्स सेंटर में पंचायती राज व्यवस्था और ग्रामीण विकास से जुड़े काम होते हैं। यहां मुख्य रूप से ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और पंचायत सहायकों को सरकारी योजनाओं और उनके कार्यों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। गांव के विकास के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करने में मदद की जाती है। इसके साथ ही ग्रामीण नेतृत्व और पंचायती राज अधिनियम के प्रति सदस्यों को जागरूक भी किया जाता है।
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वर्जन
लोहिया भवन के बकाया बिल निस्तारण के लिए कई बार बिजली विभाग से पत्राचार किया गया है। संशोधित बिल की मांग की गई है, लेकिन कोई इसका संज्ञान नहीं ले रहा है। ब्याज समेत डेढ़ करोड़ रुपये का बकाया हो गया है। इतनी बड़ी रकम जमा कर पाना संभव नहीं हो रहा है।
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-अरविंद जायसवाल, उपनिदेशक, पंचायतीराज अयोध्या/प्राचार्य
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