जिला अस्पताल के डॉक्टर की संवेदनहीनता के चलते फिर एक प्रसूता ने अपनी जान गंवा दी। यहां मंगलवार तड़के महिला डॉक्टर ने सफाईकर्मी के भरोसे प्रसूता को छोड़ दिया और खुद आराम फरमाते रहीं। आखिरकार महिला ने दम तोड़ दिया।
इससे गुस्साए परिवारीजनों ने डॉक्टर पर इलाज में कोताही व ढाई हजार रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए करीब ढाई घंटे तक अस्पताल में हंगामा काटा। सीएमएस ने तीमारदारों को जांच का आश्वासन देकर मामला शांत कराया है।
दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र अंतर्गत सिसरौली गांव निवासी सतीश की पत्नी माया (30) को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। इस पर उसे करीब पौने दस बजे जिला महिला अस्पताल लाया गया।
शाम करीब सात बजे माया ने पुत्र को जन्म दिया लेकिन मंगलवार तड़के माया की तबियत अचानक बिगड़ गई। इस पर परिवारीजनों ने लेबर रूम पहुंचकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अनुराधा से तबियत देख लेने की मिन्नतें की लेकिन उन्होंने कहा कि माया की देखभाल के लिए उसके पास सफाईकर्मी मौजूद है, जब जरूरत होगी तब हम देखेंगे।
इसी बीच माया ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए तीमारदारों ने डॉक्टर अनुराधा के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। पति सतीश का आरोप है कि डॉ. अनुराधा ने ढाई हजार रुपये मांगे थे, न देने पर उन्होंने इलाज में कोताही बरती है।
करीब ढाई घंटे तक चले इस प्रदर्शन की सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अजय वर्मा को मिली।
उन्होंने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। साथ ही जांच के बाद दोषियों पर कठोर का आश्वासन दिया हैै। इस पर तीमारदार शांत हुए। तीमारदारों ने माया का पोस्टमार्टम कराने से भी लिखित रूप से इंकार कर दिया है।