विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कड़ी सुरक्षा के बीच कलेक्ट्रेट में दोपहर बाद बसपा के नानपारा समेत तीन उम्मीदवारों ने नामांकन किया। इस दौरान गहमागहमी रही। उम्मीदवार और प्रस्तावक के अलावा अन्य को कलेक्ट्रेट में प्रवेश नहीं दिया गया। मटेरा के बसपा प्रत्याशी समय बीतने के बाद नामांकन करने पहुंचे, जिससे उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
17वीं विधानसभा गठन के लिए चुनावी प्रक्रिया जिले में शुरू हो गई है। शुक्रवार को नामांकन का दूसरा दिन था। दोपहर बाद करीब एक बजे नानपारा के बसपा प्रत्याशी अब्दुल वहीद, कैसरगंज के खालिद खान और महसी विधानसभा क्षेत्र के केके ओझा नामांकन कराने पहुंचे।
बसपा के तीनों प्रत्याशियों ने अपने-अपने न्यायालयों में समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया। एक घंटे बाद मटेरा के बसपा प्रत्याशी सुल्तान खां नामांकन कराने पहुंचे, लेकिन तब तक तीन बज चुके थे। उन्हें मटेरा विधानसभा क्षेत्र के नामांकन कक्ष से वापस लौटना पड़ा। वे पर्चा दाखिल नहीं कर सके। उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि सुरक्षा के बीच नामांकन की प्रक्रिया दूसरे दिन चली।
बसपा के सिर्फ तीन प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। नानपारा के बसपा प्रत्याशी अब्दुल वहीद ने नामांकन करने से पूर्व नानपारा नगर में जुलूस निकाला। उन्होंने अपना गमछा आगे फैला रखा था। जिससे नामांकन शुल्क के लिए लोगों ने बिना कुछ कहे बख्शीश बसपा प्रत्याशी के गमछे में डाली। उसी बख्शीश से उन्होंने नामांकन शुल्क अदा किया।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को महसी विधानसभा क्षेत्र के नामांकन कक्ष में पांच परचे बिके। जबकि नानपारा और मटेरा में चार-चार परचों की बिक्री हुई। वहीं कैसरगंज, पयागपुर में दो-दो तथा बहराइच सदर में तीन-तीन परचे बिके। बलहा विधानसभा क्षेत्र के नामांकन कक्ष में एक भी परचा नहीं बिका।