मोतीपुर रेंज के खपरा वन चौकी के पास जंगल में सोमवार को दोपहर किसी महिला ने अपने नवजात बेटे को फेंक दिया। इस बीच जंगल से गुजर रहे राहगीर की नजर बच्चे पर पड़ी। इस पर उसने जंगल में पड़े नवजात को अपना लिया और उठाकर घर ले गया। बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है। 100 नंबर की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लिखा-पढ़ी के बाद नवजात को ग्रामीण को सौंप दिया।
जिले में नवजातों को फेंकने का सिलसिला थम नहीं रहा है। तीन दिन पूर्व हुजूरपुर के सुखनदिया गांव में नदी के तट पर एक नवजात के मिलने का मामला अभी थमा भी नहीं था कि सोमवार को दोपहर कतर्नियाघाट सेंक्चुरी क्षेत्र के मोतीपुर रेंज अंतर्गत खपरा वन चौकी के निकट जंगल में एक नवजात पड़ा मिला।
बच्चेे को किसी महिला ने जन्म के बाद फेंक दिया था। वह जंगल में पड़ा रो रहा था। उसके आसपास बंदर मंडरा रहे थे। तभी मोतीपुर थाना क्षेत्र के अड़गोड़वा गांव निवासी तेजी भूरी साइकिल से मिहींपुरवा बाजार से वापस घर जा रहे थे।
इसी दौरान तेजी की नजर रो रहे नवजात पर पड़ी। उसने साइकिल रोक कर नवजात को कब्जे में ले लिया। इसके बाद सूचना डायल 100 की पुलिस को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लिखा-पढ़ी के बाद नवजात भूरी को सौंप दिया। उधर, तेजी ने बताया कि उसके यहां तीन पुत्रियां हैं। पुत्र नहीं है। ऐसे में भगवान का गिफ्ट मानकर वह उसे पालकर पढ़ाएगा।