बाबागंज। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के एयरफोर्स कैडेट अंतरिक्ष कुमार सिंह की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि अंतरिक्ष की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि सीनियर की ओर से लगातार की जा रही प्रताड़ना का नतीजा है। उनका आरोप है कि पुणे पुलिस ने मराठी भाषा में मनमाना बयान लिखकर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। अब परिवार की नजर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी पर है, जिसमें मामले के खुलासे की उम्मीद है।
रविवार को अंतरिक्ष का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर रिटायर्ड सूबेदार मामा अश्वगज सिंह सेंगर ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष बेहद होनहार थे। उन्होंने सिर्फ 17 वर्ष की उम्र में ही एनडीए की परीक्षा पास कर ली थी। पूरे देश से 2300 कैडेट्स में उनका चयन सेकंड लेफ्टिनेंट पद के प्रशिक्षण के लिए हुआ था। यह सफलता उन्होंने पहली ही बार में हासिल की थी।
अश्वगज सिंह के अनुसार अंतरिक्ष को प्रशिक्षण के दौरान एक सीनियर लगातार परेशान करता था। यह बात उन्होंने घरवालों से भी बताई थी। कंपनी कमांडर से इस बाबत शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय सिर्फ आश्वासन मिला। उत्पीड़न रुका नहीं। उन्होंने कहा कि बार-बार पूछने के बावजूद अधिकारियों ने उस सीनियर का नाम हमें नहीं बताया।
उन्होंने बताया कि लगभग 12 दिन पहले अंतरिक्ष की मां सीमा सिंह और परिवार के कुछ सदस्य पुणे गए थे। चार दिन तक होटल में ठहरने के दौरान अंतरिक्ष को दो दिन की छुट्टी मिली थी। उसी दौरान उन्होंने सीनियर द्वारा परेशान किए जाने की जानकारी दी थी, लेकिन किसी का नाम नहीं बताया था।
मौत से पहले सब सामान्य था
मामा के अनुसार नौ अक्तूबर शाम पांच बजे अंतरिक्ष ने मां को फोन किया और केवल हाल पूछकर एक मिनट में ही कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। अगली सुबह मौत की सूचना मिली। परिवार पुणे पहुंचा तो पता चला कि नौ अक्तूबर की रात वह बिल्कुल सामान्य थे।रात आठ बजे उन्होंने खाना खाया, उसके बाद कैडेट नाइट प्रोग्राम में भाग लिया। वहां गाना गाया और गिटार बजाया। सब कुछ ठीक लग रहा था। परिजनों का कहना है कि रात 10:30 बजे के बाद आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने आत्महत्या कर ली?
पुणे पुलिस ने किया खेल
रिटायर्ड सूबेदार अश्वगज सिंह सेंगर ने बताया कि जब परिवार पुणे पहुंचा, तो अधिकारियों से कई दौर की बातचीत हुई। बार-बार सीनियर का नाम बताने या कम से कम मुलाकात कराने की मांग की गई, लेकिन सेना के अधिकारियों ने नहीं मिलवाया। उन्होंने कहा कि पुणे पुलिस से भी कहा गया था कि अंतरिक्ष को एक सीनियर परेशान करता था, लेकिन पुलिस ने सही बयान दर्ज नहीं किया।
दीपावली पर घर आने वाले थे अंतरिक्ष
चाचा रमन सिंह ने बताया कि अंतरिक्ष दीपावली की छुट्टी में घर आने वाले थे। उनकी ट्रेन 18 अक्तूबर को थी, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद समाचार आ गया। छोटा भाई अभिनव सिंह लखनऊ के आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा सात में पढ़ाई कर रहा है।
इन्होंने ने भी दी श्रद्धांजलि
नानपारा विधायक रामनिवास वर्मा, क्षेत्राधिकारी नानपारा प्रद्युम्न सिंह, नायब तहसीलदार, ब्लॉक प्रमुख नवाबगंज जयप्रकाश सिंह, चेयरमैन उमाशंकर वैश्य, जिला पंचायत सदस्य संदीप जायसवाल, जयंकर सिंह ने नम आंखों से होनहार अंतरिक्ष को श्रद्धांजलि अर्पित की।