शिवपुर। ग्राम मंगलपुरवा में बुधवार सुबह पकड़े गए नर तेंदुए की बुधवार को रहस्यमय तरीके से मौत हो गई थी। अब पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण न्यूमोनिया तथा डिहाइड्रेशन बताया गया है। मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजकर शव को जला दिया गया। विसरा को परीक्षण के लिए बरेली भेज दिया गया।
बुधवार सुबह करीब आठ बजे डेढ़ वर्ष का नर तेंदुआ गांव के समीप स्थित पेड़ पर चढ़ा दिखा था। रेंजर पियूष गुप्ता ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को घेरते हुए चारों ओर जाल लगाया। लगभग 11 बजे तेंदुआ जाल में फंस गया और उसे सुरक्षित रेस्क्यू करने का दावा वन विभाग ने किया।
तेंदुए का पिंजरा जब रेंज कार्यालय नानपारा पहुंचा, तो तेंदुआ रहस्यमय हालात में मृत मिला। हालांकि तेंदुए की मौत को लेकर डीएफओ और रेंजर के बयानों में भिन्नता रही, लेकिन फिर पूरा मामला तेंदुए के पोस्टमार्टम पर टिक गया।
बहराइच वन प्रभाग के डीएफओ सुंदरेशा ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया, जिसमें डॉ. दीपक कुमार, डॉ. जय प्रकाश वर्मा और डॉ. विपिन बिहारी शामिल रहे। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में न्यूमोनिया और डिहाइड्रेशन को मौत का कारण बताया गया है।
हालांकि तेंदुए की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए उसका विसरा परीक्षण के लिए वन्य जीव संस्थान बरेली भेजा गया है। विसरा जांच के बाद ही तेंदुए की मौत का असली कारण सामने आ सकेगा।
डीएफओ ने कहा कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
क्षेत्र में विशेष गश्त के लिए टीमें तैनात
डीएफओ ने बताया कि मंगलपुरवा गांव सरयू के कछार में है। इसके अलावा बितनिया व आसपास के गांव ऐसे हैं, जहां पहले भी तेंदुए देखे गए हैं। इसके चलते ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान तो चलाया ही जा रहा है, निगरानी के लिए विशेष टीमें भी गठित की गई हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत विभाग को दें और स्वयं जोखिम उठाने से बचें।
आंत में था इन्फेक्शन, हो रही है विभागीय जांच
डीएफओ सुंदरेसा का कहना है कि तेंदुआ पूर्ण वयस्क नहीं था। मां से बिछड़ने के बाद सही रहन-सहन न मिलने के चलते निमोनिया की गिरफ्त में आने की संभावना है, मंगलपुरवा में बुधवार सुबह 8:00 बजे ग्रामीणों ने उसे पेड़ पर देखा, इसके पहले से वह पेड़ पर रहा होगा, लगभग 11:00 नीचे उतरा जहां जाल लगा था, उसके पास पानी भरी बाल्टी थी, लेकिन वह दूसरी तरफ चला गया। वह चार से छह घंटे बिना पानी के वन कर्मियों और ग्रामीणों के सामने रहा हो सकता है, उसके पहले भी पानी न पीया हो, इसके अलावा उसके आंत में इन्फेक्शन भी पाया गया है, ऐसे में डिहाइड्रेट होने की संभावना बढ़ जाती है। डीएफओ ने कहा कि मामले की विभागीय जांच की जा रही है। जांच पूरी होने और विसरा रिपोर्ट आने के बाद जवाब देही तय की जाएगी।